सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 2 जनवरी। सरगुजा संभाग के इकलौते रेलवे रैक प्वाइंट, गुड शेड बिश्रामपुर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का कार्य पिछले छह माह से तेज़ गति से जारी है। माल लदान को बढ़ावा देने और मालभाड़ा राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से रेलवे लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रही है।
करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से यहां रैक प्वाइंट प्लेटफार्म की पिचिंग, अप्रोच सडक़ का निर्माण, विंड स्क्रीन की स्थापना सहित अन्य विकास कार्य जोर-शोर से कराए जा रहे हैं। यह रैक प्वाइंट आज़ादी के बाद से अब तक उपेक्षित रहा था, जबकि यह पूरे संभाग का एकमात्र गुड शेड है।
महीने में 25 से 30 रैक, 8 से 10 करोड़ का मासिक राजस्व
बिश्रामपुर गुड शेड से एफसीआई, वेयरहाउस, मार्कफेड के खाद्यान्न (चावल, गेहूं), चीनी, नमक, उर्वरक सहित निजी कंपनियों के सीमेंट, वारदाना व अन्य सामानों का आवागमन होता है। यहां से हर माह 25 से 30 रैक लगते हैं, जिससे रेलवे को 8 से 10 करोड़ रुपये मासिक राजस्व प्राप्त होता है।
सीसीटीवी से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
अपग्रेडेशन के तहत बिश्रामपुर स्टेशन और गुड शेड परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा रहा है। स्टेशन प्लेटफार्म, सकुर्लेटिंग एरिया और गुड शेड परिसर अब तीसरी आंख की निगरानी में रहेंगे। इससे माल डंपिंग, परिवहन और लदान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी तथा अपराधों पर अंकुश लगेगा।
अब तक रैक की समयबद्ध खाली प्रक्रिया, डैमरेज और वार्फेज जैसी व्यवस्थाएं मैनुअली संचालित होती थीं, जिससे अनियमितताओं की शिकायतें रहती थीं। अब यह पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होगी, जिसकी मॉनिटरिंग बिलासपुर कंट्रोलर द्वारा की जाएगी।
दो माह का ब्लॉक, वैकल्पिक व्यवस्था
पिचिंग और अप्रोच सडक़ निर्माण के लिए वर्तमान गुड शेड रैक प्वाइंट पर दो माह का ब्लॉक लिया गया है। फिलहाल रैक प्वाइंट को स्टेशन के सामने दूसरी ओर शिफ्ट किया गया है। चार नंबर लाइन में अस्थायी रैक प्लेस का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
छह दशक पुरानी समस्याओं का होगा समाधान
अब तक यहां पक्की अप्रोच सडक़ नहीं थी, जिससे धूल और बारिश में भारी असुविधा होती थी। कच्चे प्लेटफार्म, जर्जर गुड्स क्लर्क कार्यालय और हमालों के लिए रेस्ट रूम का अभाव वर्षों से समस्या बना हुआ था। अपग्रेडेशन के बाद ये सभी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध होंगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे
की बड़ी उपलब्धि
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने चालू वित्त वर्ष में अब तक 20,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक मालभाड़ा राजस्व अर्जित कर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 13 दिन पहले हासिल किया गया। देशभर में भारतीय रेलवे के कुल प्रारंभिक मालभाड़ा राजस्व में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का 17.56 प्रतिशत योगदान है।वित्त वर्ष के अभी चार माह शेष हैं, ऐसे में रेलवे नए कीर्तिमान की ओर अग्रसर है।


