सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 29 दिसंबर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड में संचालित एसईसीएल की अमेरा ओपन कास्ट खदान से सोमवार से पुन: कोयला उत्पादन शुरू कर दिया गया है। अमेरा खदान वर्ष 2001 से संचालित है। वर्ष 2018 तक नियमित उत्पादन के बाद खदान का विस्तार परसोढ़ीकला गांव में प्रस्तावित था, किंतु भूमि अधिग्रहण के बाद भी ग्रामीणों द्वारा कब्जा नहीं छोडऩे के कारण खदान का संचालन ठप हो गया था।
गत वर्ष अमेरा के शेष (छूटे) पैच से कोयला उत्पादन शुरू किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद पुन: कार्य बंद करना पड़ा। परसोढीकला गांव में खदान विस्तार के लिए प्रबंधन वर्ष 2016 से ग्रामीणों को मुआवजा वितरण कर रहा था, इसके बावजूद कई ग्रामीण मुआवजा लेने के बाद भी भूमि पर दावा छोडऩे को तैयार नहीं थे।
उत्खनन कार्य के दौरान कई बार स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और पथराव की घटनाएं सामने आईं, जिसके चलते खदान का काम बार-बार बाधित होता रहा।
प्रशासनिक सख्ती के बाद बहाल हुआ उत्पादन
बीते 3 दिसंबर को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ अमेरा खदान पहुंचकर सख्त कार्रवाई की। इस दौरान ग्रामीणों और प्रशासनिक अमले के बीच भारी उपद्रव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी व प्रशासनिक अधिकारी घायल हुए, वहीं कुछ ग्रामीणों को भी चोटें आईं। इसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में खदान से ओबी हटाने का कार्य लगभग 26 दिनों तक लगातार चलता रहा। ओबी हटाने का कार्य पूर्ण होने के बाद सोमवार से खदान में कोयला उत्पादन दोबारा शुरू कर दिया गया है।
2018 से हो रहा था करोड़ों
का नुकसान
ग्रामीणों एवं राजनीतिक अड़ंगेबाजी के कारण वर्ष 2018 से अमेरा खदान का उत्पादन पूरी तरह बाधित रहा, जिससे एसईसीएल प्रबंधन को अब तक कई करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। प्रबंधन द्वारा कई बार खदान शुरू कराने के प्रयास किए गए, लेकिन प्रशासनिक सहयोग के अभाव में सफलता नहीं मिल पा रही थी।
सरगुजा के तत्कालीन कलेक्टर विलास भोस्कर की दृढ़ इच्छाशक्ति और पुलिस प्रशासन के सहयोग से अंतत: खदान का संचालन पुन: शुरू हो सका।
बवाल के बाद प्रशासनिक कार्रवाई
3 दिसंबर को हुई झड़प और बवाल के बाद राज्य शासन ने कलेक्टर विलास भोस्कर का तबादला कर दिया, वहीं इस घटना के बाद लखनपुर थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार को पीएचक्यू अटैच कर दिया गया।
बिश्रामपुर महाप्रबंधक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि अमेरा खदान पुन: शुरू हो जाने से बिश्रामपुर क्षेत्र का कोयला उत्पादन सुधरेगा साथ ही वार्षिक उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में।मदद मिलेगी।उन्होंने खदान को पुन: शुरू करने पुलिस और प्रशानिक अमले दोनों का आभार जताया है।


