सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर, 4 दिसंबर। वनभूमि पट्टा किसानों के धान पंजीयन में गड़बड़ी, गिरदावरी में रकबा शून्य दर्ज करने, राजस्व रिकॉर्ड में समय पर सुधार न होने और धान मंडी में हमाली के नाम पर अवैध वसूली जैसे आरोपों को लेकर आज प्रतापपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे अब उन्हें सडक़ पर उतरना पड़ रहा है।
5 दिसंबर शुक्रवार सुबह 11 बजे से प्रतापपुर तहसील प्रांगण में एक दिवसीय विशाल धरना–प्रदर्शन और घेराव होगा। इस आंदोलन में 101 ग्राम पंचायतों से हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि पंजीयन में भारी गड़बड़ी के कारण धान सफल दर्ज नहीं हो पा रहा है और कई किसानों की गिरदावरी में फसल का रकबा शून्य दिखा दिया गया है, जिससे समर्थन मूल्य पर धान बेचने का अधिकार प्रभावित हो रहा है।
किसानों का आरोप है कि मंडी में हमाली के नाम पर अवैध पैसे वसूले जा रहे हैं और धान की कालाबाजारी भी हो रही है, लेकिन प्रशासन इन अनियमितताओं पर चुप है।
आंदोलन का नेतृत्व शिव भजन मरावी, प्रदेश महामंत्री (आदिवासी प्रकोष्ठ) कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पंजीयन, गिरदावरी और रिकॉर्ड सुधार की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं किया गया और मंडी अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


