सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर, 1 दिसंबर। प्रदेश में नई गाइडलाइन लागू होने के बाद जमीन और मकानों की रजिस्ट्री के शुल्क में भारी बढ़ोतरी हुई है। दरों में अचानक 10 गुना तक की बढ़ोतरी से जमीन खरीदना लोगों के लिए बेहद महंगा हो गया है। नई दरों के कारण रजिस्ट्री पर लगने वाला टैक्स और अन्य शुल्क कई गुना बढ़ गया है, जिससे आम नागरिक, किसान और मध्यम वर्ग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
रजिस्ट्री महंगी होने के बाद प्रतापपुर रजिस्ट्री कार्यालय में लोगों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। पहले जहां रोजाना दर्जनों लोग रजिस्ट्री कराने पहुंचते थे, वहीं अब कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। कई खरीदार रजिस्ट्री को टाल रहे हैं, जबकि कई ने जमीन खरीदने का फैसला ही रोक दिया है। जमीन की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया पूरी तरह धीमी हो गई है।
नई गाइडलाइन के खिलाफ प्रतापपुर क्षेत्र में अभी तक कोई भी औपचारिक विरोध या प्रदर्शन नहीं हुआ है। लेकिन जनता की नाराजगी स्पष्ट रूप से नजर आ रही है, क्योंकि महंगी रजिस्ट्री के कारण लोग स्वयं ही कार्यालय आने से बच रहे हैं। इससे रजिस्ट्री विभाग का कामकाज लगभग ठप हो गया है।
दरें बढऩे का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे खरीदारों पर पड़ा है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने रियल एस्टेट बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। जमीन खरीदना और रजिस्ट्री कराना अब सामान्य लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है, जिससे क्षेत्र में संपत्ति लेन-देन पर गहरा असर पड़ा है।


