सुकमा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 27 जुलाई। सीआरपीएफ की 227 वी वाहिनी द्वारा तोंगपाल स्थित मुख्यालय परिसर में 27 जुलाई को हर्षोल्लास से बल का 86वां स्थापना दिवस मनाया गया।
27 जुलाई 1939 को नीमच मध्यप्रदेश में सीआरपीएफ की स्थापना हुई थी और देखते ही देखते सीआरपीएफ विश्व का सबसे बड़ा अर्द्धसैनिक बल बन गया। जम्मू कश्मीर, उत्तर पूर्वी राज्यों एंव नक्सल प्रभावित राज्यों की आंतरिक सुरक्षा को कायम रखने मे इस बल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शनिवार को सीआरपीएफ के 86 वॉ स्थापना के उपलक्ष्य में 227 वी वाहिनी में विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वप्रथम वृक्षारोपण किया गया फिर वाहिनी कमाण्डेन्ट, मनीष कुमार भारती ने क्वार्टर गार्ड पर सेरिमोनियल गार्ड की सलामी ली व शहीद स्मारक पर पुष्प चक अर्पित कर बटालियन के देश सुरक्षा में शहीद हुए जवानो को याद कर श्रध्दाजंलि अर्पित की तथा विशेष सैनिक सम्मेलन कर सभी अधिकारियो व जवानो को सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया व सभी को अनुशासन कायम रखकर, जिम्मेदारी व ईमानदारी से ड्यूटी करने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर संजीव कुमार द्वितीय कमान अधिकारी (प्रशासन), नवीन कुमार यादव द्वितीय कमान अधिकारी (परिचालन), बृज मोहन राठौर (उप. कमा.), डॉ. अमर नाथ (एसएमओ) एवं वाहिनी के समस्त अधिनस्थ अधिकारी व जवान उपस्थित रहे। दिन भर चले कार्यक्रमों मे खेल-कुद प्रतियोगिता और अन्य कार्यकमों का आयोजन किया गया एवं रात्रि में सभी अन्य सैनिक भोजनालयों में बड़े खाने का आयोजन किया गया।


