सुकमा

जिला अस्पताल में सिकलसेल जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम
20-Jun-2024 10:21 PM
जिला अस्पताल में सिकलसेल जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सुकमा, 20 जून। विश्व सिकलसेल दिवस पर भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं कलेक्टर हरिस.एस की उपस्थिति में बुधवार को जिला चिकित्सालय में सिकलसेल की स्क्रीनिंग एवं जागरूकता हेतु जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका आयोजन स्वास्थ्य विभाग और आदिवासी विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत वर्ष 2023 से 2026 तक शून्य से 40 वर्ष आयु वर्ग के सभी व्यक्तियों की सिकलसेल स्क्रीनिंग की जा रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने स्क्रीनिंग किए जा चुके 2 हितग्राहियों को सिकलसेल पहचान कार्ड वितरित किया। इस पहचान पत्र से उन्हें सिकलसेल रोग का समुचित इलाज और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।

जनप्रतिनिधि और कलेक्टर हरिस. एस ने सिकलसेल रोग के पहचान, निदान एवं रोकथाम के लिए जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिला चिकित्सालय परिसर से रवाना किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि  अरूण सिंह भदौरिया, भुवनेश्वरी यादव, डमरूराम नाग उपाध्यक्ष जनपद पंचायत सुकमा, दिलीप पेद्दी, महेन्द्र सिंह चौहान एवं शरद चंद्र शुक्ला सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुकमा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश शांडिया, मितानिन, नर्सिंग और आईटीआई के छात्र- छात्राएं तथा सहित मेडिकल स्टॉफ, आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे ने कहा कि सिकलसेल रोग के लक्षण, जांच एवं उपचार के लिए भारत सरकार के निर्देशानुसार सिकलसेल दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को सिकलसेल की स्क्रीनिंग एवं जागरूक करने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से जुडक़र लोगों से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में व्यस्तता के कारण हम स्वास्थ्य से संबंधित छोटी-छोटी परेशानियों को नजर अंदाज कर देते है।

समय के साथ ही वह कुछ बड़ी बीमारी का रूप ले लेता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में शहर के साथ ही गांव में शासन-प्रशासन के प्रयास से स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जा रहा है। जिसका स्वास्थ्य विभाग और मितानिनों के प्रयासों से सकारात्क परिणाम आ रहे है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। श्री बारसे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना जैसी  महमारी से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाकर लड़ाई लड़ी। इसी प्रकार सिकलसेल के लिए भी जागरूकता जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर कर, अंतिम व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं से लाभान्वित करने की दिशा में काम कर रही है।

कलेक्टर हरिस. एस ने कहा कि विश्व सिकलसेल दिवस पर सिकलसेल के बारे में जागरूकता लाने के साथ ही इसकी जांच के लिए लोगों को प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि सिकलसेल एक अनुवांशिक रोग है। 19 जून से 3 जुलाई तक स्वास्थ्य केंद्रों में सिकलसेल के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। कार्यक्रम में सिकलसेल का जांच उपरांत चिन्हांकन कर सिकलसेल पहचान कार्ड दिया  जाएगा। उन्होंने पूरे जिले के लोगों को सिकलसेल जांच करवाने की बात कही।  उन्होंने बताया कि जिले में पिछले दो माह में 80 हजार से ज्यादा लोगों का डोर-टू-डोर जाकर सिकलसेल जांच किया गया है। जिसमें से 113 लोगों को सिकलसेल जांच में धनात्मक पाया गया है।

कलेक्टर  हरिस.एस और जनप्रतिनिधिगण पहुंचे जिला अस्पताल, मरीजों का जाना कुशलक्षेम

कार्यक्रम के पश्चात् कलेक्टर हरिस.एस और जनप्रतिनिधियों ने जिला अस्पताल सुकमा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों से कुशलक्षेम जाना। साथ ही मरीजों को फल वितरण किया गया।


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