सारंगढ़-बिलाईगढ़

ग्रामीणों की शिकायत पर कोषा केंद्र जेवरा की जांच के निर्देश
13-Jan-2026 8:33 PM
 ग्रामीणों की शिकायत पर कोषा केंद्र जेवरा की जांच के निर्देश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 13 जनवरी।
ग्राम जेवरा स्थित कोषा केंद्र को लेकर ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। विधायक उत्तरी जांगड़े ने ग्रामीण प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने प्रकरण की जांच जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को सौंपने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों द्वारा विधायक को सौंपे गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम जेवरा में राज्य शासन द्वारा वर्ष 1986-87 से कोषा विभाग का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से केंद्र का नियमित निरीक्षण या ऑडिट नहीं हुआ है। आवेदन में प्रभारी अधिकारी मोहन पटेल के कार्य संचालन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।

ग्रामीणों के अनुसार प्रभारी अधिकारी स्वयं कम ही केंद्र में उपस्थित रहते हैं और कार्य संचालन कोषा समूह की महिला अध्यक्ष के पति मोहन यादव के माध्यम से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कार्य में कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि अन्य ग्रामीणों को काम नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने उप संचालक रेशम रायगढ़ और सहायक संचालक रेशम सारंगढ़ से मौखिक शिकायत की थी। उनके अनुसार उन्हें यह कहकर बताया गया कि कोषा केंद्र परियोजना केंद्र है और बाहरी व्यक्तियों को कार्य में शामिल नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उप संचालक रेशम रायगढ़ से बीते एक वर्ष की मजदूरों की सूची और भुगतान से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ग्रामीणों ने मजदूरी भुगतान को लेकर आपत्ति जताई है और मामले की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस विषय में पूर्व में कलेक्टर कार्यालय और संचालक कार्यालय रायपुर में भी शिकायत दी गई थी। अब तक किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिलने की बात भी ग्रामीणों ने अपने आवेदन में कही है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि कोषा केंद्र जेवरा में हुए कार्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जाए तथा संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन करने का निर्णय ले सकते हैं। इस अवसर पर विधायक उत्तरी जांगड़े के साथ जिला पंचायत सदस्य विनोद भारद्वाज, हरिहर जायसवाल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार और विधायक प्रतिनिधि गणपत जांगड़े उपस्थित थे।
विधायक उत्तरी जांगड़े ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कलेक्टर द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब जिला पंचायत सीईओ द्वारा मामले की जांच की जाएगी।


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