राजपथ - जनपथ

राजपथ-जनपथ : जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिजन
22-Jun-2025 5:45 PM
राजपथ-जनपथ : जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिजन

जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिजन

लोकतंत्र में जनता का प्रतिनिधि ही सबसे बड़ा होता है। पर प्रतिनिधि के प्रतिनिधियों का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। हमारे माननीय सांसद और विधायक खुद कम और उनके प्रतिनिधि अधिक नजर आते हैं। जनप्रतिनिधियों के ये प्रतिनिधि साधारण लोग नहीं होते। ये कभी पार्टी के पुराने निष्ठावान होते हैं, कभी प्रभावशाली वोटबैंक के मालिक, चुनाव संचालन में भारी सहयोग करने वाले और कभी परिजनों में से कोई। किसी को रेलवे का प्रतिनिधि बना दिया जाता है, किसी को शिक्षा का, किसी को जल संसाधन का। यानि सांसद-विधायक भले एक हो, उनके प्रतिनिधि विभागवार बंटे होते हैं, जैसे मंत्रालय में कैबिनेट बंटते हैं।

इन्हें जनता ने नहीं चुना, पर खुद को जनसेवक से कम नहीं समझते। मीटिंग में सबसे आगे, माइक सबसे पहले, और अफसरों से बातचीत में इतना तेज स्वर कि चुने हुए नेताओं पर भी भारी पड़ें।

अब हाल ही में कसडोल में हुआ किस्सा देखिए। शाला प्रवेशोत्सव समारोह में विधायक संदीप साहू मंच पर थे, मगर उद्घोषक ने सबसे पहले सांसद के प्रतिनिधि का स्वागत करा दिया। अब विधायकजी भडक़ उठे। भडक़ते भी क्यों नहीं? पांच साल के लिए जनता के बीच से जीतकर आए हैं। उनकी जगह कोई नामित प्रतिनिधि पहले पहनने का अधिकार कैसे रखेगा? उन्होंने कार्यक्रम छोड़ दिया। अफसरों को खरी-खोटी सुनाई और मंच से उतरकर चले गए। शायद अति उत्साही शिक्षकों ने यही समझा लिया कि विपक्ष में रहने वाले विधायक से किसी सत्ताधारी सांसद के प्रतिनधि का कद ऊंचा होता है। 

एक शिकायत से शुरू सिलसिला

स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए युक्तियुक्तकरण जैसे कदम उठाए गए हैं। यही नहीं, पिछले तीन महीने में लापरवाही और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार करीब दर्जनभर शिक्षा अफसरों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। सीएम विष्णुदेव साय के पास स्कूल शिक्षा विभाग का भी प्रभार है। ऐसे में विभाग के अफसर गड़बडिय़ों को लेकर सतर्क हो गए हैं।

विभाग में शिकायतों पर कार्रवाई भी हो रही है। विभाग के एक बड़े अफसर के खिलाफ शिकायत हुई, तो अफसर ने शिकायतकर्ता को एक करोड़ की मानहानि का नोटिस भेज दिया। शिकायतकर्ता एक राजनीतिक दल के पदाधिकारी हैं। शिकायतकर्ता ने शिक्षा अफसर के खिलाफ ईओडब्ल्यू-एसीबी में शिकायत की थी। अफसर चाहते हैं कि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत वापस लें। मगर शिकायतकर्ता इसके लिए तैयार नहीं हैं। अफसर ने शिकायतकर्ता पर अलग-अलग स्तरों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि वो अगले कुछ महीने में रिटायर होने वाले हैं। जांच बढ़ी, तो पेंशन तक रुक सकती है। मगर शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के बजाए जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा अफसर के खिलाफ कुछ और मामले निकाल लिए हैं। वो खुद भी अफसर के खिलाफ अदालत जाने के लिए कानूनी परामर्श ले रहे हैं। अब बात निकली है, तो दूर तलक जा सकती है। देखना है लड़ाई का अंजाम क्या होता है।

जिम्मा बस थानेदार तक!!

सरकार ने राजनांदगांव में अवैध रेत खनन, और फिर फायरिंग की घटना को गंभीरता से लिया है। रेत माफिया, और थानेदार के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल होने पर कार्रवाई की है। थानेदार को तो सस्पेंड कर दिया है, लेकिन देर सवेर शीर्षस्थ अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।

न सिर्फ राजनांदगांव बल्कि गरियाबंद, और सरगुजा संभाग में अवैध रेत खनन की शिकायतें आ रही हैं। कांग्रेस ने इस मामले पर सरकार को घेरने की कोशिश की है, और विधानसभा के मानसून सत्र में रेत के अवैध खनन मामले को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।

बताते हैं कि सरकार जिले के प्रमुख पुलिस अफसरों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है। जल्द ही आईपीएस, और राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के तबादले की सूची जारी हो सकती है। सूची में राजनांदगांव के पुलिस अफसरों के नाम भी हो सकते हैं। देखना है आगे क्या होता है।

लाल टोपी वाला हिंदुस्तानी पक्षी

इस शानदार पक्षी को देखिए — सिर पर गहरी लाल कलगी, मानो रूसी टोपी पहन रखी हो, और दिल से पूरा हिंदुस्तानी! यह है रेड-नेप्ड आइबिस। इसे स्थानीय भाषा में ‘काला सरस’ भी कहा जाता है। यह तस्वीर इसी महीने छत्तीसगढ़ के मोहनभाठा, बिलासपुर क्षेत्र में ली गई है।

यह पक्षी आमतौर पर दलदली क्षेत्रों, नदी-नालों और हरियाली वाली बंजर जमीन में देखा जा सकता है। बारिश के मौसम में यह शांत मुद्रा में कीड़े, मेंढक, केंचुआ और कभी-कभी खेतों में बिखरे अनाज के दाने तलाशते दिखते हैं।

रेड-नेप्ड आइबिस अपनी लंबी, मुड़ी हुई चोंच, काले पंखों पर हरे कांस्य जैसी चमक, और सिर पर गुलाबी-लाल उभार के कारण दूर से ही पहचान में आ जाते हैं। ये प्राय: घने पेड़ों पर सामूहिक रूप से बसेरा करते हैं, और सुबह-सवेरे जोरदार आवाजें निकालकर दिन की अनोखी शुरुआत करते हैं। इनकी उड़ान ऊंची और शांतिपूर्ण होती है, मानो आकाश में आजादी का शिखर नाप लेना चाहते हों।


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