राजनांदगांव

भूपेश बघेल के कार्यकाल में घुमका को मिली सौगातों से जीत का मार्ग हुआ प्रशस्त
06-Jun-2026 4:37 PM
भूपेश बघेल के कार्यकाल में घुमका को मिली सौगातों से जीत का मार्ग हुआ प्रशस्त

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 6 जून। घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की शानदार जीत ने भाजपा के उन दावों को धराशाही कर दिया है। जिसमें चुनाव प्रचार के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार की कथित घोटालों और भ्रष्टाचार को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जीत का सपना संजोये हुए थी।

पूरे चुनाव प्रचार में एक समय भाजपा बढ़त के साथ अपने पक्ष में माहौल बनाने में लगभग कामयाब हो गई थी। इसी बीच पूर्व सीएम भूपेश बघेल की चुनावी रण में एंट्री होते ही सियासी परिस्थितियां तेजी से भाजपा के खिलाफ होती चली गई। श्री बघेल ने अपने कार्यकाल में घुमका के विकास के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी थी। बघेल ने अपने चुनावी भाषण में घुमका के बाशिंदों से इसी आधार पर सहयोग की गुजारिश की। भाजपा को जरा भी उम्मीद नहीं थी कि पूर्व सीएम की भावनात्मक अपील  का इस कदर असर होगा कि पार्टी को अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद से हाथ धोना पड़ेगा।

श्री बघेल जंगी सभा कर भाजपा के ढाई साल के कार्यकाल को महज कागजी घोड़ा करार देते पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यों की तुलनात्मक ब्यौरा घुमका में रखा। नतीजतन दबे पांव कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनता चला गया। गौरतलब है कि पूर्व सीएम बघेल ने घुमका को उप तहसील, स्वामी आत्मानंद स्कूल, गौठान समेत अन्य बुनियादी घोषणाएं की थी। घुमका को लेकर कांग्रेस शुरू से ही सकारात्मक नजरिये के साथ चुनाव लड़ती रही है। डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र का यह कस्बा कांग्रेस का गढ़ रहा है।

नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष फूलमती वर्मा पूर्व में बतौर सरपंच अपना प्रभाव जनता के बीच छोडऩे में कामयाब रही थी। जबकि भाजपा प्रत्याशी किरण वर्मा को लेकर भाजपा के कई कार्यकर्ता असंतुष्ट थे। कांग्रेस ने बेहद सटीक रणनीति से भाजपा को मात दी। भाजपा एवं पूरी सरकार चुनावी रण में कांग्रेस को शिकस्त देने के लिए जोर लगाने कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव से लेकर उप मुख्यमंत्रीद्वय विजय शर्मा और अरूण साव के अलावा तमाम मंत्री, विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने ताकत के साथ  कांग्रेस को घेरने में जोर लगाया, लेकिन कांग्रेस इस चुनाव में पूरी चुनौती को पार कर शानदार अंदाज में जीत हासिल करने में कामयाब हुई।

बैज की कार्यकर्ताओं को एकजुट होने की सीख से जीत की राह हुई आसान

कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की भी खास भूमिका रही। उन्होंने युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए पूरा जोर लगाया। उनकी यह सीख का असर यह हुआ कि  एकजुटता के साथ सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने चुनाव जीतने के लिए ताकत झोंक दी। चुनाव नतीजे पार्टी के पक्ष में आने के बाद साफ संदेश मिला कि कांग्रेस यदि एकजुट होकर मुकाबले करे तो नतीजे सकारात्मक होंगे।

दीपक बैज ने भी भाजपा सरकार की कथित योजनाओं और सुस्त नीतियों को लेकर जमकर आलोचना की थी। विष्णुदेव साय सरकार की नाकाम नीतियों को बैज ने चुनाव के दौरान जमकर उछाला। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास जीत का यह सुनहरा अवसर है। प्रदेश में ढाई साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सकारात्मक माहौल बनाने  यह जीत बेहद कारगर साबित होगी। 

ऐतिहासिक और यादगार जीत- नवाज

नगर पंचायत घुमका के चुनावी नतीजों में पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष नवाज खान की भी अहम भूमिका थी। उनकी टीम ने शानदार तरीके से चुनावी रण में मोर्चा सम्हाला। श्री खान का मानना है कि यह जीत ऐतिहासिक और यादगार है। पूरी सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने दमखम लगाकर जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस परिणाम से स्पष्ट हो गया कि जनता का कांग्रेस को लेकर विश्वास कायम है। घुमका चुनाव नतीजों में श्री खान ने रणनीतिक तौर पर उल्लेखनीय नीतियां बनाई। अध्यक्ष से लेकर पार्षदों की जीत की राह को आसान बनाने के लिए विपक्षी दल को कई तरह से घेराबंदी की गई।


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