राजनांदगांव
एसपी ने आरक्षक व चालक को किया सम्मानित
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 जून। जंगल से भागकर गांव पहुंची महिला ने पति पर जान से मारने की नीयत से जंगल ले जाकर मारपीट का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही डायल-112 टीम तत्काल घटनास्थल पहुंचकर महिला को सुरक्षित किया। महिला को थाना लाकर उपचार हेतु सीएचसी डोंगरगढ़ भेजकर आवश्यक कार्रवाई की गई। वहीं उत्कृष्ठ कार्य के लिए एसपी अंकिता शर्मा ने आरक्षक दीपेश मुद्दनकर एवं डायल-112 के चालक रविन्द्र देवांगन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित व प्रोत्साहित किया।
मिली जानकारी के अनुसार डायल-112 से सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला जंगल की ओर से भागते गांव की तरफ अकेली और घायल महिला से मिली। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पहुंचने पर महिला अत्यंत भयभीत अवस्था में मिली। पूछताछ करने पर महिला ने बताया कि उसका पति उसे जंगल में ले जाकर जान से मारने की नीयत से लेकर आया आया था। मारपीट करने के दौरान अपनी जान बचाने के लिए वह वहां से भागकर गांव की ओर आ रही थी।
इसी दौरान ग्रामीणों ने डायल-112 को सूचना दी। महिला ने यह भी बताया कि पुलिस वाहन को आता देखकर उसका पति मौके से फरार हो गया। डायल- 112 की टीम द्वारा महिला को तत्काल सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर थाना पहुंचाया गया तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना स्टाफ के सुपुर्द किया गया। साथ ही महिला की स्थिति को देखते उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ ले जाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। महिला की सुरक्षा एवं त्वरित सहायता के लिए डायल- 112 के कर्मचारियों द्वारा किए गए सराहनीय एवं उत्कृष्ट कार्य को देखते एसपी अंकिता शर्मा द्वारा आरक्षक दीपेश मुद्दनकर एवं डायल-112 के चालक रविन्द्र देवांगन को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर उपस्थित थे।


