राजनांदगांव
पिता का आरोप- सेहत ठीक नहीं होने की जानकारी के बाद भी महिला शिक्षकों ने दी यातनाएं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 12 फरवरी। मोहला-मानपुर जिले में पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 10वीं में अध्ययनरत शारीरिक रूप से कमजोर एक छात्र को दो महिला शिक्षकों ने ऐसी यातना दी कि उसकी तबीयत बिगड़ गई। महिला शिक्षकों ने न सिर्फ उक्त छात्र को, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को सौ बार उठक-बैठक की सजा दी।
शिक्षकों के इस यातना के कारण एक छात्र के पैर के नस में रक्त की आवाजाही थम गई। जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। इधर मोहला-मानपुर कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने घटना की जानकारी ली। ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट की जानकारी लेने निर्देशित किया गया है। इसके बाद निश्चिततौर शिक्षिकाओं पर कार्रवाई होगी। इस बीच घटना के बाद शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किया गया है। पिता का दावा है कि छात्र का राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपी के चलते उपचार चल रहा है। घटना 25 दिन पुरानी है।
मिली जानकारी के मुताबिक अंबागढ़ चौकी स्थित पीएमश्री आत्मानंद स्कूल के 10वीं कक्षा के छात्र अशरफ अंसारी समेत अन्य छात्रों को दो महिला शिक्षिकाओं रूचि भांगे और वर्षा प्रधान ने क्लास छोडक़र घूमने की सजा के तौर पर उठक-बैठक करने को कहा। यह दंड अशरफ अंसारी को भी दिया गया। उठक-बैठक के दौरान अशरफ की तबीयत खराब हो गई। फिर उसके पिता सलामुद्दीन अंसारी ने बेटे को अंबागढ़ चौकी के चिकित्सक से उपचार कराया। उनकी सलाह पर छात्र को रायपुर ले जाया गया। बताया जा रहा है कि रायपुर में वैरिकोज सर्जन ने ब्लड सर्कुलेशन थमने की जानकारी दी। रायपुर में डॉ. अजय चौरसिया के पास उपचार कराने के बाद पिता ने आर्थिक तंगी के चलते वापस राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। छात्र का फिजियोथेरेपी के चलते उपचार हो रहा है।


