राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 10 फरवरी। जिला पंचायत सदस्य एवं जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव ग्रामीण महामंत्री महेन्द्र यादव ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद पिछले दो वर्षों में प्रदेश का हर वर्ग परेशान है, लेकिन सबसे अधिक पीड़ा अन्नदाता किसान झेल रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, जिसे कभी धान का कटोरा कहा जाता था, वहां आज किसानों की ऐसी दुर्दशा पहले कभी देखने को नहीं मिली। प्रशासन की जटिल और अव्यवहारिक प्रक्रिया के चलते हजारों किसानों का धान आज भी नहीं बिक पाया। किसान टोकन कटवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि किसान अपनी मेहनत और सम्मान का गला काटने को मजबूर हैं, फिर भी टोकन नहीं कट रहा, यह भाजपा सरकार की किसान विरोधी सोच को दर्शाता है।
श्री यादव ने आरोप लगाते कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में पूरा प्रशासकीय अमला सीधे-साधे किसानों को प्रताडि़त करने में लगा रहा। गांव-गांव और घर-घर जाकर किसानों को डराया गया। प्रशासनिक अधिकारी किसानों के घर पहुंचकर उनसे पूछताछ करते रहे और उन्हें चोर साबित करने की कोशिश की गई। जबकि किसान ईमानदारी से मेहनत करने वाला अन्नदाता है। सरकार की नाकामी और अव्यवस्था का ठीकरा किसानों पर फोड़ा जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के समय किसान खुशहाल थे, समय पर धान खरीदी होती थी और भुगतान भी तय समय में किसानों के खातों में पहुंच जाता था, लेकिन आज भाजपा सरकार में किसान अपनी बदहाली अपनी आंखों से देख रहा है। यह सरकार किसानों की नहीं, बल्कि पूंजीपतियों की सरकार बनकर रह गई है।
श्री यादव ने बताया कि पहले किसानों को खाद के लिए परेशान किया गया, फिर धान टोकन के लिए और अब स्थिति यह है कि धान बिकने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा। पिछले 18 से 20 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हजारों किसानों के खातों में धान की राशि नहीं पहुंची है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा सुशासन है, जहां अन्नदाता अपने ही मेहनत की कमाई के लिए भटकने को मजबूर है। कांग्रेस पार्टी किसानों के आत्मसम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी, यदि जल्द ही किसानों का लंबित भुगतान नहीं किया गया और प्रशासनिक उत्पीडऩ बंद नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के हक में सडक़ से सदन तक आंदोलन करेगी।


