राजनांदगांव
पूर्व महापौर सहित गणमान्य लोग हुए शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 10 फरवरी। श्री योग वेदांत सेवा समिति एवं समस्त साधक परिवार द्वारा चिखली वार्ड में भव्य रूप से मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा व अध्यक्षता पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख एवं विशिष्ट अतिथि कपार्षद श्रुति लोकेश जैन, विधि तिवारी मोदी, डॉ. राघव वर्मा कार्यक्रम में उपस्थित हुए।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति के कारण बच्चों में असंतोष, निराशा, चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम से निराशा से आशा की ओर, पतन से उत्थान की ओर जा रहे है। साथ ही समाज मे माता-पिता व गुरुजनों के प्रति आदर भाव बढ़ता जा रहा है।
पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भौतिकवाद के चकाचौंध में मस्त होकर अपने संस्कृति की गरिमा समझ नहीं पा रहे हैं और अपने माता-पिता की बातों को, उनके उपकारों को भूलते जा रहे हैं। ऐसे में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम माता-पिता के उपकारों को याद दिलाती है और उनके संस्कार को जीवन में अपनाकर उन्नत होने की सीख देती है ।
श्री योग वेदांत सेवा समिति राजनांदगांव के अध्यक्ष रोहित चंद्राकर व कोषाध्यक्ष टीके चंद्राकर ने बताया कि पिछले 19 वर्षों से 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने की पहल की, जो आज भारत सहित 200 देशों में इस दिवस को मना रहे हैं। यह अभियान एक व्यापक रूप ले लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस पर्व की सराहना करते प्रतिवर्ष इसे मनाने की घोषणा की है। बाल संस्कार विभाग व युवा सेवा संघ के प्रमुख संजय साहू ने बताया आज चिखली के राजमाता मैदान में पूरे वार्डवासियों के साहयोग से इस सुंदर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों ने माता-पिता को आसन पर बिठाकर फूल-मालाएं पहनायीं, तिलक किया और हाथों में पूजा की थाली लेकर पूजा-अर्चना की, फिर माता-पिता ने बच्चों को हृदय से लगा लिया और शुभ आशीष दी । विधिवत हुए इस पूजन कार्यक्रम की उपस्थित लोगों के हृदय से स्वीकारा की ऐसे दिन को बड़ेे भव्यता के साथ सभी को करना चाहिए ।
कार्यक्रम में योगेंद्र साहू, टहलुराम साहू, प्रवीण चक्रधारी, जीत साहू, भोजेस्वर साहू, गोपीचंद महोबिया, प्रह्लाद विश्वकर्मा, एरिना चंद्रवंशी, सरिता चक्रधारी, तृप्ति वैष्णव, उषा साहू, पूजा साहू, पायल यादव, खेमचंद निषाद, डेहरिन निषाद, उषा प्रजापति, मनोज शुक्ला का सहयोग रहा।


