राजनांदगांव

सामाजिक बहिष्कार से परेशान ग्रामीण ने की खुदकुशी की कोशिश
10-Feb-2026 1:01 PM
सामाजिक बहिष्कार से परेशान ग्रामीण ने की खुदकुशी की कोशिश

खैरागढ़ कलेक्टोरेट के सामने की घटना
‘छत्तीसगढ़’  संवाददाता 
राजनांदगांव, 10 फरवरी।
खैरागढ़ जिले में सामाजिक बहिष्कार से परेशान एक ग्रामीण द्वारा आग लगाकर जान देने की असफल कोशिश का मामला सामने आने के बाद खलबली मच गई। घटना सोमवार दोपहर 1 बजे की है। 

गंडई इलाके के कंटगी के रहने वाले एक ग्रामीण ने समाज और गांव से बहिष्कृत किए जाने से क्षुब्ध होकर सोमवार को जिला मुख्यालय के कलेक्टोरेट के सामने खुद को आग के हवाले कर दिया। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सजगता से आग को बुझाया गया। वहीं ग्रामीण को आग से झुलसने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीण की स्थिति खतरे से बाहर है।  
मिली जानकारी के अनुसार कंटगी के रहने वाले शीतलाल निर्मलकर का गांव और समाज से अनबन चल रहा है। बताया जाता है कि शीतलाल और उसके परिवार को कथित रूप से समाज और गांव ने अलग छोड़ दिया है। शीतलाल का दावा है कि प्रशासन को इस मामले में कई बार शिकायत की गई है। प्रशासनिक उदासीनता की वजह से समस्या का हल नहीं निकल पाया। इससे परेशान होकर शीतलाल ने कलेक्टोरेट के सामने कल खुद पर केरोसीन छिडक़कर आग लगा ली। इसके बाद वहा हडकंप मच गया। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल आग को बुझाकर ग्रामीण को अस्पताल पहुंचाया। 

बताया जा रहा है कि आगजनी में ग्रामीण का घुटना और हाथ का एक हिस्सा झुलस गया। 

इस संबंध में एएसपी नितेश गौतम ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि ग्रामीण की शिकायत की जांच प्रशासन कर रहा है। उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। इस बीच ग्रामीण के आक्रामक रवैये के बाद प्रशासन ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि ग्रामीण का गांव के लोगों से मेल-मिलाप नहीं है। वहीं गांव स्तर पर कई कार्यक्रमों में वह और उसका परिवार का रूख  सहयोगात्मक नहीं रहता है।  


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