राजनांदगांव

असंगठित कामगारों और व्यापारियों व स्व-रोजगारियों को मिलेगा पेंशन का लाभ
04-Feb-2026 5:22 PM
असंगठित कामगारों और व्यापारियों व स्व-रोजगारियों को मिलेगा पेंशन का लाभ

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 फरवरी।
भारत शासन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिको को 60 वर्ष की आयु के पश्चात मासिक पेंशन प्रदाय करने के लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना प्रारंभ की गयी है। इसी प्रकार व्यापारियो और स्व रोजगारियो के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू की गई है। केन्द्र सरकार की उक्त दोनों योजना का महापौर मधुसूदन यादव ने निगम सीमाक्षेत्र निवासरत असंगठित श्रमिकों एवं छोटे व्यापारियों और स्व रोजगारियों को ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 18 से 40 वर्ष आयु के असंगठित श्रमिक योजना में शामिल होकर 60 वर्ष की आयु के पश्चात प्रत्येक श्रमिक 3 हजार रुपए न्यूनतम पेंशन प्रतिमाह प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार छोटे व्यवसायी व स्व-रोजगारी भी योजना में शामिल होकर 60 वर्ष की आयु के पश्चात 3 हजार रुपए प्रतिमाह निश्चित पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।

योजना के संबंध में नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में असंगठत श्रमिक जैसे फुटकर विक्रेता, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, घरेलू श्रमिक, कचरा बीनने वाले, कृषि श्रमिक, बीडी श्रमिक, मोची, हस्तकरधा श्रमिक, धोबी, चमडे का काम करने वाले श्रमिक, अंतर्राज्यीय श्रमिक और इस तरह 125 व्यवसायों में कार्यरत श्रमिकों जिनकी मासिक आय रुपए15000 से कम हो योजना में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 55 से 200 तक अलग-अलग आयु समूह के अनुसार प्रतिमाह अंशदान देय होगा एवं अंशदान के बराबर की राशि भारत शासन श्रम मंत्रालय द्वारा देय होगी। योजना में शामिल श्रमिक की 60 वर्ष पूर्व मृत्यु हो जाने पर उसके नामित द्वारा निर्धारित अंशदान देय होगा एवं मृत्यु की स्थिति में नामित को 50 प्रतिशत पेंशन देय होगी।


साथ ही यदि कोई अंशदाता 60 वर्ष की आयु के पूर्व योजना से बाहर होना चाहता है, तो उसे उस समय तक उसके खाते में जमा राशि नए ब्याज के साथ एकमुश्त वापस कर दिया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन भारतीय जीवन बीमा के सहयोग से किया जाएगा।
आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने व्यापारियों एवं स्वरोजगारियों हेतु राष्ट्रीय पेशन योजना के संबंध में बताया कि यह योजना उन खुदना दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और स्व नियोजित व्यक्तियों जिनका वार्षिक कारोबार 1.50 करोड़ से अधिक न हो। केन्द्र सरकार ग्राहक के खाते में ग्राहक के बराबर राशि का अंशदान करती है तथा यह एक स्वेच्छिक योजना है। जिसमें ग्राहक को नियमित रूप से योगदान करना होता है। यह योजना नौकरी बदलने पर भी पोर्टेबल (साथ ले जाने योग्य) है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के पश्चात व्यापारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही ग्राहक की मृत्यु होने पर जीवनसाथी को पेंशन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता है। उन्होंने कहा कि संक्षेप में यह योजना छोटे व्यापारियों व दुकानदारों के लिए बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देने के लिए है। जिसमें सरकार उनके साथ मिलकर पेंशन फंड बनाती है। योजना का लाभ लेने आवेदन किसी भी नजदीक  लोकसेवा केन्द्र व च्वाईस सेन्टर में अपना व नामित का आधार कार्ड, बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर ले जाकर किया जा सकता है।


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