राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 फरवरी। नगर पंचायत के कर्मचारियों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिल पाया है। अक्टूबर माह से नियमित वेतन नहीं मिलने से निकाय के रेगुलर व प्लेसमेंट कर्मचारियों की माली हालत खराब हो गई है। बताया जाता है कि निकाय के कर्मचारी पिछले तीन माह से मूल काम को छोड़ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य एसआईआर में लगे हुए हैं। जिससे निकाय में राजस्व वसूली का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इससे कर्मचारियों का वेतन अटक गया है।
नगर पंचायत की कार्यालयीन व्यवस्था एवं रूटीन कार्य पूरी तरह पटरी से उतर गया है। नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी पिछले चार माह से वेतन का बाट जोह रहे हैं। कर्मचारियों को बीते अक्टूबर माह से वेतन नहीं मिल पाया है। नगर पंचायत के नियमित कर्मचारी जलील अहमद रब्बानी, तिलक यादव, सोफू जिलानी, जीवन पटेल, पीर खान, रघुवेन्द्र खरे, हेमंत अमिला, रामकुमार देवागन, कंचन लकडा, एस. कुरैशी, लोकेश सलामे, रामसाय पटेल, निजाम साय, सुरेन्द्र सिन्हा, मकबूल खान, कृष्णा पटेल, विनोद ढालेन्द्र, इत्यादि ने बताया कि पिछले चार माह से वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है।
कर्मचारियों ने बताया कि वे कर्ज से लद गए है। हालत इतनी खराब है कि वे अपने परिवार के बीमार सदस्यों का उपचार नहीं करा पा रहे हैं और बच्चों के स्कूल का फीस भी नहीं भर पा रहे हैं। निकाय के कर्मचारी सुरेन्द्र सिन्हा ने बताया कि उनकी बिटिया की डिलवरी हुई है । उसे बिटिया के आपरेशन व उपचार के लिए उधार लेकर इलाज कराना पड़ रहा है। श्री सिन्हा ने कहा कि सीएमओ से निवेदन करने पर भी एक या दो माह का वेतन मांगने पर भी नहीं दिया गया। वेतन के लिए चक्कर काट रहे हर कर्मचारियों को अपनी अपनी समस्याए हैं, लेकिन इन्हें किसी तरह से राहत नहीं मिल पा रहा है।
दो कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी
नगर पंचायत के कर्मचारियों को पिछले कुछ माह से काम का इतना प्रेशर बढ़ गया है कि अब कर्मचारियों ने इसका विरोध करना भी शुरू कर दिया है। एसआईआर के काम में इतना दबाव पड़ रहा है कि कर्मचारियों के अवकाश रद्द किए जा रहे हैं और बिना सूचना के गायब होने एवं यहां तक मोबाईल बंद करने पर उन्हें नोटिस भी मिलने लगी है।
इधर पिछले दो माह में काम के दबाव के चलते निकाय के विद्युत विभाग के प्रभारी एवं तकनीकी शाखा के एक आपरेटर ने नगर पंचायत की सेवा से ही त्यागपत्र देकर नौकरी ही छोड़ दी है। यह दोनों कर्मचारी पिछले एक दशक से नगर पंचायत के प्लेेसमेंट विभाग में सेवारत थे। इन दोनों कर्मचारियों के अचानक नौकरी छोड़ देने से निकाय में विद्युत विभाग एवं तकनीकी शाखा का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इन दोनों कर्मचारियों की तरह ही अन्य कई कर्मचारी भी नगर पंचायत की नौेकरी छोडऩे की तैयारी में है, जिन्हें नगर पंचायत के जनप्रतिनिधि किसी तरह समझाने में लगे हुए हैं।
वेतन की मांग लेकर संचालक से मिले अध्यक्ष
नगर पंचायत की समस्याओं एवं कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए अनुदान की मांग को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग के संचालक से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। नगर अध्यक्ष ने संचालक आर.एक्का से भेंट कर बताया कि पिछले तीन-चार माह से कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं होने से कई तरह की समस्याएं आ रही है।


