राजनांदगांव

श्रमिक विरोधी है मोदी सरकार का फैसला - मुदलियार
25-Jan-2026 8:11 PM
श्रमिक विरोधी है मोदी सरकार का फैसला - मुदलियार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 25 जनवरी। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मोखला में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। वहीं ग्राम बूचीभरदा में मनरेगा कार्यस्थल में ग्रामीण मजदूरों को मनरेगा अधिनियम की जानकारी दी गई।

 जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि रोजगार की गारंटी देने वाले अधिनियम को तोड़ा मरोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आजिविका की अनिश्चितता का वातावरण निर्मित होगा। मनरेगा को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जिला कांग्रेस कमेटी ने नए अधिनियम की खामियों को सामने रखा।

श्री मुदलियार ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किया गया परिवर्तन मोदी सरकार की श्रमिक विरोधी सोच को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा में सरकारी आदेश से काम रोका नहीं जा सकता था। नया सिस्टम हर साल तय अवधि के लिए रोजगार बंद करने की अनुमति देता है। जिससे यह तय करने का अधिकार सरकार को मिल जाता है कि गरीब कब काम करेंगे। फंड समाप्त होने या फसल के मौसम का हवाला देकर मजदूरों को महीनों तक रोजगार से वंचित किया जा सकता है। यह बदलाव गरीबों से काम का अधिकार छीनने और मनरेगा को अधिकार से योजना में बदलने की जानबूझकर की गई कोशिश है, जिसे देश का श्रमिक वर्ग स्वीकार नहीं करेगा।

यही नहीं इसमें न्यूनतम 400 रुपए की मजदूरी को लेकर भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इस कार्यक्रम के दौरान सरपंच साधना साहू, हेमशंकर साहू, जनपद सदस्य मेघराज चंद्राकर, राहुल साहू सहित अन्य उपस्थित थे।


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