राजनांदगांव
नांदगांव जिले में 40 से ज्यादा निजी अस्पतालों में गहन जांच का काम पूरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 3 दिसंबर। केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्यगत योजनाओं की सही क्रियान्वयन को लेकर निजी अस्पतालों में पिछले माहभर से सीएमएचओ के द्वारा गठित 4 अलग-अलग टीमें जांच पड़ताल कर रही है। जांच पड़ताल के दौरान कई खामियां भी मिल रही है।
निजी अस्पतालों में बाह्य एवं आंतरिक रोगियों के आधार पर जांच टीम स्टॉफ से लेकर अन्य मेडिकल फैसिलिटी को लेकर जानकारी जुटा रही है। एक आवश्यक दस्तावेज में अस्पतालों की स्थिति को लेकर संपूर्ण जानकारी को प्रपत्र में भरा जा रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्र की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को निजी अस्पतालों द्वारा लागू नहीं किए जाने की शिकायतें मिल रही थी। इसके बाद सीएमचओ डॉ. नेतराम नवरतन ने एक चिकित्सक समेत तकनीकी अधिकारियों की एक टीम का गठन किया है। एक जानकारी के मुताबिक राजनंादगांव जिले में 47 से ज्यादा निजी अस्पताल संचालित हैं। टीम ने अब तक 40 से ज्यादा गैर सरकारी अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच पड़ताल की है। टीम द्वारा अस्पताल के संचालकों के द्वारा विशेषज्ञ और एमबीबीएस चिकित्सक से लेकर स्टॉफ नर्स, लैब टेक्निशियन के अलावा वार्ड ब्वाय से लेकर अस्पताल की चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
दरअसल कई अस्पतालों में आयुष्मान, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के अलावा अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर कोताही बरतने की शिकायतें मिल रही थी। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. नवरतन ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि 4 अलग-अलग टीमें गठित की गई है, जो समूचे जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के द्वारा मेडिकल नाम्र्स के तहत संचालन करने की जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि ज्यादातर नर्सिंग होम और अस्पताल में नियम-शर्तों में कमी भी मिली है। टीम द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। बहरहाल लगातार जांच पड़ताल से निजी अस्पतालों में हडक़ंप की स्थिति है।
दो अस्पतालों का
लाईसेंस निलंबित
टीम के रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य महकमे ने शहर के जय तुलसी अस्पताल और हेल्थ केयर हास्पिटल के लाईसेंस को 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि उक्त दोनों अस्पताल में टीम को व्यापक स्तर पर खामियां मिली थी।
वहीं सरकारी योजनाओं को लागू करने में दिलचस्पी भी दोनों अस्पताल प्रबंधन ने नहीं लिया था। इस आधार पर दोनों अस्पताल का लाईसेंस निलंबित कर दिया था।


