रायपुर

प्रदूषण फैलाने वाले 94 उद्योगों को नोटिस, 3.03 करोड़ का जुर्माना भी
05-Jun-2026 6:40 PM
प्रदूषण फैलाने वाले 94 उद्योगों को नोटिस, 3.03 करोड़ का जुर्माना भी

रायपुर की वायु गुणवत्ता में लगभग 4 प्रतिशत सुधार- दावा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 जून। पर्यावरण दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल बीते डेढ़ वर्ष के दौरान प्रदूषण नियंत्रण पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए दावा किया है कि रायपुर की वायु गुणवत्ता में लगभग 4 प्रतिशत सुधार आया है।

मंडल का कहना है कि क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर ने  प्रदूषणकारी उद्योगों का औचक निरीक्षण कर मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के विरुद्ध वायु,जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम, 1974-1981 के तहत कठोर कार्रवाई की है।

क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अंतर्गत रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों में स्थापित उद्योगों के विरुद्ध जनवरी 25 से मई 26 की अवधि में व्यापक कार्रवाई की गई।

 इस दौरान कुल 94 प्रदूषणकारी उद्योगों को नोटिस जारी किए गए तथा 82 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद करने अथवा बिजली कनेक्शन काटे  गए।

इसी अवधि में 96 उद्योगों पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार 125 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई। वहीं कच्चे माल, उत्पाद एवं ठोस अपशिष्टों का बिना तारपोलिन से ढंके परिवहन करने वाले 136 उद्योगों एवं संस्थानों पर 51 लाख 2 हजार 323 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। इसके अतिरिक्त पूर्व अनुमति के बिना फ्लाई ऐश के अपवहन एवं डम्पिंग के मामलों में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई।

दावा-रायपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार

रायपुर शहर में परिवेशीय वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी के लिए 4 स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड  तथा 6 स्थानों पर नेम्प स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं। वर्ष 2024 में रायपुर शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 65.38 दर्ज किया गया था, जो वर्ष 2025 में घटकर 62.86 हो गया है। इस प्रकार वायु गुणवत्ता में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में आता है।

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी सख्त कार्रवाई

इसी तरह से केंद्रीय व राज्य अधिनियमों के तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक एवं अन्य प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के विनिर्माण, भंडारण, विक्रय, परिवहन एवं उपयोग पर प्रतिबंध लागू है। इस संबंध में इसी अवधि में  क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर ने एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए 87 हजार 500 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई तथा संबंधित उद्योग के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद भी दायर किया गया। एक अन्य उद्योग के विरुद्ध उत्पादन बंद करने के साथ 6 लाख 25 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई। इसके अलावा दो अन्य उद्योगों के विरुद्ध भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई।


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