रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 जून। दो साल पहले रायपुर रेलवे स्टेशन के पास गांजा तस्करी में पकड़े गए तीन आरोपियों को विशेष अदालत न कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने एनडीपीएस में गिरफ्तार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल सश्रम कारावास और दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत की अदालत ने 4 जून को सुनाया। तीनों आरोपी के पास से 39 किलो 500 ग्राम गांजा के अवैध कब्जे में पाए गए थे।
23 अप्रैल 2024 को थाना गंज पुलिस को सूचना मिली थी कि फाफाडीह चौक के पास तीन युवक रेलवे स्टेशन चौक स्थित गेट नंबर-2 के पास दो ग्रे रंग और एक पिंक रंग अटैची में गांजा लेकर बिक्री की नीयत से खड़े हैं। सूचना पर पुलिस ने रेलवे स्टेशन चौक पहुंचकर घेराबंदी की। मुखबिर के बताए हुलिए के तीन युवक से पूछताछ में उन्होंने अपने नाम विष्णु तोमर निवासी आगरा (उत्तर प्रदेश), अभिमन्यू बेहरा निवासी केन्द्रपाड़ा (उड़ीसा) और अरुण मिश्रा निवासी लुधियाना (पंजाब) बताए। उनकी तलाशी ली गई, जिसमें तीनों की अटैचियों से गांजा बरामद हुआ।
विष्णु तोमर के कब्जे से 13.100 किलो, अभिमन्यू बेहरा के कब्जे से 15.300 किलो और अरुण मिश्रा के कब्जे से 11.100 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने तीनों के कब्जे से 39.500 किलो गांजा जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अभियोजन पक्ष के वकील बीएल साहू ने अदालत में 10 साक्षियों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने साक्ष्यों, दस्तावेजों और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर तीनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी)(२)(सी) के तहत दोषी ठहराया।
न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।


