रायपुर
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर/महासमुंद, 9 मई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रभारी महामंत्री (संगठन) अमरजीत चावला ने जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अलग से गणना नहीं किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनगणना के लिए पूछे जा रहे 33 प्रश्नों में अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग का उल्लेख है, लेकिन देश की बड़ी आबादी वाले ओबीसी वर्ग को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है।
चावला ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं को पिछड़ा वर्ग का बताकर राजनीतिक लाभ लेते रहे हैं, लेकिन जब ओबीसी समाज की वास्तविक भागीदारी, संख्या और अधिकार सुनिश्चित करने की बात आती है तो भाजपा सरकार पीछे हट जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चावला ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार नहीं चाहती कि देश में ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या सामने आए, क्योंकि इससे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हिस्सेदारी की सच्चाई उजागर हो जाएगी। उन्होंने भाजपा पर सामाजिक न्याय के मुद्दों को दबाने और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से जातिगत जनगणना और सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुसार अधिकार देने की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार च्च्जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी जिम्मेदारीज्ज् की बात करते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ओबीसी समाज के अधिकारों को दबाकर सामंतवादी मानसिकता का परिचय दे रही है।
अमरजीत चावला ने मांग की कि जनगणना 2026 में तत्काल ओबीसी वर्ग की अलग से गणना सुनिश्चित की जाए, ताकि करोड़ों पिछड़े वर्ग के लोगों को उनका संवैधानिक हक और वास्तविक प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा।


