रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 मई। रायपुर नगर निगम एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट ने संवेदनशील शहरी श्रमिकों मे हीट रेजि़लिएंस विकसित करना विषय पर एक राउंडटेबल चर्चा का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता र महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने की। कार्यक्रम में क्रेडाई के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, कैट के अध्यक्ष अमर परवानी, नगरीय प्रशासन , श्रम विभाग, राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, विद्युत कंपनी,नगर निगम के अधिकारी सफाई कर्मी, ने सहभागिता की। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर शहर को हीट रेजि़लिएंस के दृष्टिकोण से भी स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में ठोस प्रयास आवश्यक हैं।
डॉ. पियूष पांडे ने बढ़ते अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव के लिए घटते हरित क्षेत्र, जलाशयों के क्षरण तथा तीव्र शहरीकरण को प्रमुख कारण बताया। प्रभात मिश्रा ने कहा कि रायपुर अनेक जलाशयों से समृद्ध शहर है, इसलिए इनके संरक्षण, पुनर्स्थापन और दीर्घकालिक संवर्धन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सीड की एसोसिएट डायरेक्टर क्लाइमेट चेंज, डॉ. देवयानी शर्मा ने रायपुर शहर में बढ़ते हीट स्ट्रेस तथा उसके निर्माण श्रमिकों, सफाई कर्मियों, ठेला एवं फुटपाथ विक्रेताओं, परिवहन कर्मियों और अन्य बाहरी श्रमिक वर्गों पर पडऩे वाले प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने बढ़ती हीटवेव परिस्थितियों के बीच जलवायु-संवेदनशील शहरी प्रशासन एवं बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि एक सर्वेक्षण में अत्यधिक गर्मी के कारण श्रमिकों पर पडऩे वाले स्वास्थ्य प्रभाव, निर्जलीकरण, कार्यक्षमता में कमी, आय पर प्रभाव तथा सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।


