रायपुर

नए धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम से अंबेडकर के लिखित संविधान का उल्लंघन
05-May-2026 6:28 PM
नए धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम से अंबेडकर के लिखित संविधान का उल्लंघन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 मई। हर्ष जनसेवा संस्था द्वारा बुद्ध पूर्णिमा एवं मजूदर दिवस पर  अजजा पिछड़े , अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा पर  परिचर्चा आयोजित की गई।  परिचर्चा का संचालन  अरविंद मिश्र भारतीय संस्कृति निधि संयोजक छत्तीसगढ़ ने किया। डॉ. रतनलाल ने भगवान बुद्ध, डॉ. अम्बेडर व मजदूर दिवस पर वैज्ञानिक वक्तव्य दिया है। विशिष्ठ अतिथि एजाज ढेबर ने सन् 1950  में एक अंग्रेज पत्रकार को दिए साक्षात्कार के हवाले से कहा कि डॉ. अम्बेडकर  ने कहा थामेरा समाज सोया हुआ है, इसलिए मैं जाग रहा हूं। विशिष्ट अतिथि पन्नालाल ने कहा कि छ.ग. के  न?ए धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम से संविधान का उल्लंघन हुआ है। डॉ.जे.आर. सोनी ने गुरु घासीदास, भगवान बुद्ध व डॉ. अम्बेडकर से संबंधित सामाजिक अवधारणा पर वक्तव्य दिया है। प्रो.एन.वी.ढोके ने बौद्ध धर्म एवं डॉ. अम्बेडकर की धार्मिक एवं राजनीतिक अवधारणा पर सारगर्भित भाषण दिया है। विष्णुदत्त बघेल ने कहा है कि भगवान बुद्ध एवं संविधान के शिल्पकार डॉ. अम्बेडकर धार्मिक व राजनीतिक अवधारणा के वैज्ञानिक है।संस्थान के अध्यक्ष डॉ. नितेश तिवारी ने अतिथियों स्वागत तथा प्रतिक चिन्ह उन्हें भेटकर आभार प्रदर्शन किया था। परिचर्चा में आचार्य अमरनाथ त्यागी, डॉ.के. के. अग्रवाल, इमरान पाशा, चंद्रशेखर जनबंधु, डॉ. उदयभान सिंह चौहान, डॉ. फुलझेले, सुनील गणवीर, आदि प्रबुद्धजन उपस्थित थे।


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