रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर,23 अप्रैल। बलरामपुर जिले के राजपुर स्थित स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को नीति-निर्धारण में भागीदारी देने का एक महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन विपक्ष के राजनीतिक स्वार्थ के कारण इसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।
महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और यह अधिनियम संसद तथा विधानसभाओं में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपने राजनीतिक हितों के चलते महिलाओं के सशक्तिकरण के इस अवसर को बाधित किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर आरक्षण का श्रेय लेने वाला विपक्ष उच्च स्तर पर महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने से पीछे हटता रहा है।
महतारी वंदन योजना से जुड़े सवालों के जवाब में महापौर ने कहा कि पिछले दो वर्षों से योजना बंद रहने के कारण नवविवाहित महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष विषय रखा जाएगा, ताकि सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके।
छत्तीसगढ़ में भाजपा के 54 विधायक होने के बावजूद केवल एक महिला विधायक को मंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जैसे ही केंद्र सरकार द्वारा 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होगा, उसी अनुपात में महिलाओं को मंत्री, सांसद और विधायक के रूप में अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान जिला महामंत्री संजय सिंह, जिला कोषाध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि प्रवीण अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि शिवनाथ जायसवाल, नगर पंचायत राजपुर अध्यक्ष धरम सिंह, मंडल महामंत्री संतोष तिवारी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री माधुरी लकड़ा, मंडल अध्यक्ष मोनिका कुजूर, पार्षद मंजू बंसल, अंजू भगत, जिला पंचायत सदस्य गीता पैकरा तथा एमआईसी सदस्य श्वेता गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


