रायपुर

सरकारी आदेश बना मजाक 24 घंटे में बदल गया निर्णय-नामदेव
23-Apr-2026 7:51 PM
सरकारी आदेश बना मजाक 24 घंटे में बदल गया निर्णय-नामदेव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 23 अप्रैल। वरिष्ठ कर्मचारी नेता राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने  सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 21 अप्रैल को जारी इस  आदेश को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस आदेश में शासकीय सेवकों को राजनीतिक गतिविधियों एवं अन्य पदों से दूर रहने के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई थी, उसे एक दिन बाद ही स्थगित कर दिया गया।

नामदेव ने इसे प्रशासनिक अस्थिरता का उदाहरण बताते हुए पूछा कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि सरकार को अपने ही आदेश से इतने कम समय में पीछे हटना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करता है, बल्कि शासन की मंशा पर भी सवाल खड़े करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत स्पष्ट प्रावधान हैं कि कोई भी शासकीय सेवक:किसी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं बन सकता, किसी भी राजनीतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं ले सकता, बिना अनुमति किसी अन्य संस्था या संगठन में पद धारण नहीं कर सकता।

इसके बावजूद आदेश का स्थगन यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं इन नियमों के पालन को लेकर गंभीरता की कमी है।

नामदेव ने सरकार से मांग की कि वह इस पूरे मामले में स्पष्ट स्थिति सामने लाए और बताए कि आदेश जारी करने और फिर स्थगित करने के पीछे क्या कारण हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे निर्णय बार-बार लिए जाते रहे तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।

उन्होंने अंत में कहा कि यदि सरकार वास्तव में अनुशासन बनाए रखना चाहती है, तो उसे अपने आदेशों पर दृढ़ता से अमल करना चाहिए, न कि उन्हें एक दिन में ही बदल देना चाहिए।

 यह आदेश आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने की छूट के लिए है - कांग्रेस

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने अपने बयान में कहा कि एक ही दिन में रोक का आदेश स्थगित करने पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या अब शासकीय कर्मचारी राजनीति, सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, पदाधिकारी बन सकते हैं। इस आदेश के बाद क्या सामान्य सर्विस रूल में भी छूट दे दी गई है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। शुक्ला ने कहा कि दरअसल यह आदेश आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने की छूट देने के लिए निकाला गया है। यह भी साबित हो रहा कि सरकार को पूरी तरीके से भाजपा नहीं, आरएसएस चला रहा है। जीएडी के आदेश से तो यही परिलक्षित हो गया है।


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