रायपुर
38 वर्षों से हो रहा अन्याय, अब नहीं सहेंगे-सन्नी साहू
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर/जगदलपुर//दंतेवाड़ा, 23 अप्रैल। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया है। प्रदेश के 902 लघु वनोपज प्रबंधकों की हड़ताल से 14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार एवं 65 लाख से अधिक संग्राहकों की आजीविका पर पड़ सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने बताया कि प्रबंधक पिछले 38 वर्षों से सुदूर वनांचल क्षेत्रों में वनोपज संग्रहण, समिति संचालन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, पेंशन, मेडिकल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं, जो सीधा अन्याय है। संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्स लेवल 07, 08 एवं 09 लागू करना, सेवा सुरक्षा, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं लंबित भुगतान का निराकरण शामिल है। प्रबंधकों का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने से अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है। हड़ताल के चलते तेंदूपत्ता संग्रहण, 67 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी, बोनस, बीमा एवं अन्य योजनाएं प्रभावित होंगी।
खरीदी शुरू, ज्यादा नुकसान की आशंका
दंतेवाड़ा जिले में भी प्रबंधकों ने आज से हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंप दिया गया है। जिले में 18 अप्रैल से तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ हो चुकी है, ऐसे में हड़ताल का सीधा असर यहां के लगभग 80 हजार ग्रामीण परिवारों पर पडऩा तय माना जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान एवं प्रबंधन कार्य प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


