रायपुर
घटना में प्रयुक्त स्कूटी, नगदी भी जब्त
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 11 अप्रैल। एनडीपीएस एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अदालत ने करीम अली, मोहम्मद चांद और रोहित सोनी को 15साल जेल , 3000 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। प्रकरण में अदालत ने आरोपियों के खिलाफ अभियोजन के साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोष सिद्ध पाया।
19 जनवरी 2022 को तेलीबांधा इलाके के मरीन ड्राइवके पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी।पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुवे तीनों की गिरफ्तार किया। इनके पास से नशीली दवा बरामद किया गया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से नाइट्राजेपाम की 760 गोलियां वजन 418 ग्राम और अल्प्राजोलम की 360 गोलियां 43.2 ग्राम बरामद की गईं। साथ ही 3 हजार रुपए नकद भी जब्त किए गए। आरोपियों के पास इन दवाओं से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या चिकित्सकीय पर्ची नहीं मिली।
पुलिस ने मौके पर ही जब्ती, तौल और सीलबंदी की कार्रवाई पूरी कर प्रकरण दर्ज किया था। जांच के दौरान कई पुलिस ने गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए गए। बचाव पक्ष की ओर से कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने माना कि आरोपी संयुक्त रूप से प्रतिबंधित नशीली दवाओं का अवैध रूप से कब्जा रखे हुए थे, जो एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दंडनीय अपराध है। तीनों की दोषी करार देते हुवे 15 साल के दिया।
अदालत ने जब्त 3 हजार रुपए की नकदी को राज्य शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश दिया है। साथ ही निर्णय की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में सजा वारंट जारी कर आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई भी की गई है।


