रायपुर
मूल्यांकनकर्ताओं के लिए मोबाइल वर्जित, सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे भी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 मार्च। छत्तीसगढ़ माशिमं की 10-12 वीं की वार्षिक परीक्षाएं अपने अंतिम चरण में हैं। 10 वीं की परीक्षाएं 11 मार्च और 12 वीं की 18 मार्च तक खत्म हो जाएंगी। इसके साथ ही माशिमं ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी शुरू कर दी है। माशिमं अध्यक्ष रेणु पिल्ले ने राजधानी के सबसे बड़े मूल्यांकन केंद्र दानी कन्या शाला जाकर तैयारियों का जायजा लिया। आने वाले दिनों में वह अन्य केंद्र भी जाएंगी।
बता दें कि इस वर्ष 10 वीं में 320192 और 12 वीं में 245710 विद्यार्थी शामिल हुए हैं।
माशिमं सूत्रों के मुताबिक मूल्यांकन दो चरणों में शुरू होगा। पहला चरण 16 मार्च और दूसरा चरण 25 मार्च से होगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में 36 स्कूलों को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। जहां 20 हजार से अधिक व्याख्याता मूल्यांकन करेंगे। हालांकि 9-11 वीं की परीक्षा और अन्य कारणों से बहुतायत व्याख्याता मूल्यांकन के लिए नहीं आते।
माशिमं ने बीस दिनों यानी 7 अप्रैल तक सारा मूल्यांकन कार्य पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया है। उसके बाद टेबूलेशन और फिर नतीजे घोषित करने की तैयारी की जा सके। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अप्रैल अंत या मई के पहले ही सप्ताह में नतीजे घोषित किए जा सकते हैं।
इस बार भी मूल्यांकन, पिछले साल के नियमों के तहत होगा। हर व्याख्याता को एक दिन में 40 उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी। हालांकि एक दिन में इतनी उत्तर पुस्तिकाओं को जांच नहीं पाते।
सभी उत्तर पुस्तिकाओं में रोल नंबर के हिस्से को स्टीकर से अदृश्य कर दिया गया है। इसे मूल्यांकन के बाद प्राप्तांक की टेबूलेशन शीट में एंट्री करते समय खोला जाएगा। मूल्यांकनकर्ताओं के लिए मोबाइल ले जाना पूर्णत: वर्जित किया गया है। हर केंद्र में 1-4 की पुलिस सुरक्षा तैनात की जाएगी जो मूल्यांकनकर्ताओं की भी जांच करेगा। साथ ही सभी मूल्यांकन केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि 2024 से सीजी बोर्ड में साल में दो बार बोर्ड परीक्षा कराने का नियम है। इस बार भी अगर कोई छात्र फेल हो जाता है तो उसे जुलाई में दूसरा अवसर परीक्षा का मौका मिलेगा। सेकेंड चांस वालों को मेरिट लिस्ट में मौका नहीं मिलता है। सेकेंड चांस एग्जामिनेशन के नियमों के अनुसार पास हो चुके छात्र अगर अपने नंबर से असंतुष्ट हैं तो सुधार के लिए दूसरी बार परीक्षा दे सकते हैं। सेकेंड चांस परीक्षा में अंक बेहतर आते हैं तो नया रिजल्ट जारी होगा। मार्क्स में सुधार नहीं होने पर पहली ही मार्कशीट मान्य होगी। फेल व पूरक के अलावा पास हुए कई छात्र भी श्रेणी सुधार के लिए इसमें शामिल हो सकते हैं।
पासिंग मार्क्स के नियम
कक्षा 10वीं — मिनिमम पासिंग मार्क्स- 33 प्रतिशत
कक्षा 12वीं — मिनिमम पासिंग मार्क्स-33 प्रतिशत
ग्रेडिंग सिस्टम
मार्क्स रेंज 91 प्रतिशत- 100प्रतिशत । ग्रेड-ए1 । ग्रेड प्वाइंट-10
मार्क्स रेंज 81प्रतिशत - 90प्रतिशत । ग्रेड-ए2 । ग्रेड प्वाइंट- 9
मार्क्स रेंज 71प्रतिशत - 80प्रतिशत । ग्रेड-बी1 । ग्रेड प्वाइंट- 8
मार्क्स रेंज 61प्रतिशत - 70प्रतिशत । ग्रेड-बी2 । ग्रेड प्वाइंट- 7
मार्क्स रेंज 51प्रतिशत - 60प्रतिशत । ग्रेड- सी1 । ग्रेड प्वाइंट-6
मार्क्स रेंज 41प्रतिशत - 50प्रतिशत । ग्रेड-सी2 । ग्रेड प्वाइंट- 5
मार्क्स रेंज 33प्रतिशत - 40प्रतिशत । ग्रेड- डी । ग्रेड प्वाइंट- 4
मार्क्स रेंज 21प्रतिशत से 32प्रतिशत । ग्रेड-ई1 । ग्रेड प्वाइंट-सी
मार्क्स रेंज 21प्रतिशत से कम । ग्रेड-ई2 । ग्रेड प्वाइंट-सी


