रायपुर
पेंशनरों के अधिकार के लिए प्रदेशभर में अभियान तेज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 अप्रैल। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने राज्यभर में पेंशनरों को सेवानिवृत्ति के दिन ही समस्त वैध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर अपना अभियान तेज कर दिया है। महासंघ का कहना है कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उसी दिन पेंशन पेमेंट ऑर्डर (क्कक्कह्र) सहित सभी देय राशि का भुगतान किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
महासंघ द्वारा लगातार शासन से पत्राचार कर यह मांग उठाई जा रही है कि विभागों एवं कोषालयों में व्याप्त कथित अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। इस दिशा में महासंघ की जिला इकाइयाँ भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और विभिन्न जिलों में कलेक्टरों से लिखित एवं मौखिक रूप से व्यवस्था सुधार की मांग की जा रही है।
इसी प्रयास का सकारात्मक परिणाम जिला जगदलपुर में देखने को मिला है, जहाँ प्रत्येक माह के अंतिम दिन कलेक्टर स्वयं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पीपीओ प्रदान करते हैं तथा अन्य देय भुगतान की भी समीक्षा करते हैं। बस्तर संभाग के अध्यक्ष आर. एन. ताटी के सतत प्रयासों से संभाग के अन्य जिलों में भी ऐसी व्यवस्था लागू होने लगी है, जिसे पेंशनर्स के हित में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी के सबसे बड़े शिक्षा विभाग में इस व्यवस्था की शुरुआत कर उन्होंने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि जिले के सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएँ तथा प्रत्येक माह के अंतिम दिन कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यक्रम आयोजित कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पीपीओ एवं अन्य देय भुगतान उनके हाथों से प्रदान किया जाए।
जारी विज्ञप्ति में महासंघ के जिला रायपुर अध्यक्ष आर. जी. बोहरे, सचिव ओ. डी. शर्मा, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, प्रभारी महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों जे. पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, टी. पी. सिंह, एम. एन. पाठक, सुरेश मिश्रा, आर. के. टंडन, एन. के. चौबे, क्रांति कुमार सोनी, मालिक राम वर्मा, चितरंजन साहा, लता चावड़ा, उमाशंकर अग्रवाल, जी. आर. बसोने, कौशलेंद्र मिश्रा एवं अनिल पाठक ने इस पहल की सराहना करते हुए प्रदेश के सभी जिलों में इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदेश के प्रत्येक पेंशनर को सेवानिवृत्ति के दिन ही उनका पूरा वैध हक सुनिश्चित नहीं हो जाता।


