रायपुर

रायपुर के सौ से अधिक शिक्षक और संकुल प्रभारियों ने बिना वेतन के होली मनाई
06-Mar-2026 9:51 PM
रायपुर के सौ से अधिक शिक्षक और संकुल प्रभारियों ने बिना वेतन के होली मनाई

डीईओ ने कलेक्टर का आदेश का दिया हवाला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 6 मार्च। राजधानी शिक्षा जिले के सौ से अधिक शिक्षक और संकुल प्रभारियों ने बिना वेतन के होली मनाने मजबूर किए गए। जिला कलेक्टर के आदेश के हवाले से डीईओ ने वेतन भुगतान पर  रोक लगा दी है।

आदेश के अनुसार पूर्व में जो शाला का कोई भी खाता जो पहले संचालित किया जाता था उक्त खाते को बंद करके उसमें बची हुई राशि को चालान द्वारा शासन के खाते में जमा करना था। इसमें अधिकतर खाते ऐसे थे जिनका संचालन नहीं हो रहा था, कुछ खाते अभी 3-4 साल पहले खुलवाए  गए थे । इनमें जो शाला मरम्मत के नाम से जारी होने वाली राशि डेबिट क्रेडिट होती थी।  उसमे लगभग 80 स्कूलों का खाता बंद नहीं हुआ था और खाता बंद करवाने के लिए संकुल समन्वयक को जिम्मेदारी दी गई थी । और 60 स्कूलों का खाता बंद हो गया था। बचे स्कूलों का खाता बंद नहीं हुआ था क्योंकि कुछ खातों मे बैंक वालों के द्वारा तकनीकी कारण बता कर बंद नहीं किया गया है। ऐसे स्कूलों के  हेडमास्टर, शिक्षक संकुल प्रभारियों के वेतन जारी नहीं किए गए हैं।  होली को लेकर सरकार ने इस बार 26,27 फऱवरी को वेतन क्रेडिट कर दिया था।

इन प्रभावितों का कहना है कि खाते बंदी को लेकर उसमे समन्वयक या प्रधान पाठक की कोई गलती नहीं है और वैसे भी अधिकतर शिक्षक 20 फऱवरी के बाद एसआईआर की ड्यूटी खत्म होने के पश्चात् शाला मे उपस्थित हुए थे ।और स्कूलों मे शिक्षकों को अपने बचे हुए कार्य जैसे पांचवी और आठवीं बोर्ड की परीक्षा शीट भी बनाने में व्यस्त हो गए थे।ऐसे मे शिक्षकों और समन्वयक को दोषी मानकर उनका वेतन रोकने  से आक्रोश देखा जा रहा है।

 डीईओ ने समस्त सीईओ, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक,बीआरसीसी,सभी  शासकीय स्कूलों के प्राचार्य,प्रधान पाठकों  को भेजे आदेश में कहा कि इन आपरेटिव, तथा शासकीय डीफ खातों  को आपरेट कराने के संबंध में कार्यवाही कर जानकारी प्रस्तुत करने अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया था। आज पर्यंत तक उक्त कार्य की पूर्णता: के संबंध में कोई जानकारी इस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है। कलेक्टर टीएल बैठक में बंद योजना की अवशेष राशि को जमा किये जाने के संबंध में चर्चा उपरांत फरवरी 2026 का वेतन रोकने निर्देशित किया था।

 निर्देशित किया जाता है, कि जिस संस्था का बंद योजना खाता से शेष राशि निर्धारित शीर्ष में जमा नहीं किए है, और न ही खाता को एक्टिव किए है। उस संस्था से संबंधित संस्था प्रमुख /बी.ई.ओ./बी.आर.सी./ प्रधान पाठक/संकुल समन्वयक का  फरवरी का वेतन देयक , उक्त कार्य का पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के उपरांत ही कोषालय में प्रस्तुत किया जाए।

कहां हैं शिक्षक और कर्मचारी नेता.....

इस आदेश से प्रभावितों का कहना है कि वैसे भी किसी भी कर्मचारी का वेतन रोकने का अधिकार किसी अधिकारी को नहीं होता है क्योंकि कर्मचारियों को सस्पेंड होने की स्थिति मे भी गुजारा भत्ता दिया जाता है और यहाँ होली का त्यौहार होने के बाद शिक्षकों का वेतन रोका गया है जो न्याय संगत नहीं है।  दूसरी ओर शिक्षक व कर्मचारी संगठनों के नेता इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि ये सभी इन्हीं शिक्षकों से उनके हित में लड़ाई लडऩे का न केवल दंभ भरते हैं बल्कि इसी कार्य के लिए सदस्यता शुल्क भी लिया जाता है।


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