रायपुर
कुंवर निषाद ने पशुपालन मंत्री को घेरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 फरवरी। विधानसभा में आज प्रश्न काल में घुमंतू और आवारा पशुओं के संरक्षण पर गुंडरदेही के कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम को घेरा। उन्होंने पशु संरक्षण की प्रदेश में संचालित पशु संरक्षण योजनाओं और उनकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए।
मंत्री नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 184993 घुमंतू पशु हैं। इनके रखरखाव के आदर्श गौधाम, गोकुल धाम,गौ अभ्यारण्य योजना संचालित है। इस योजना के तहत अब तक 11 संस्थाओं का पंजीयन हुआ है, जिनमें से वर्तमान में अगस्त 25 से 3 संचालित हैं। जहां 620 पशु रखे गए हैं।इसके अलावा 25 अन्य संस्थाओं के पंजीयन प्रक्रियाधीन है। निषाद ने पशुओं के रखरखाव और चारे की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि
2 वर्ष में 11 पंजीयन 3 संचालित हैं,620 पशु हैं शेष क्या हवा पानी से जी रहे हैं।
नेताम ने बताया कि प्रत्येक गौधाम में 200 पशुओं को रखने का प्रावधान है। सरकार द्वारा इनके चारे और पानी के लिए प्रति पशु अनुदान दिया जाता है, जो प्रथम वर्ष 10 रुपये से शुरू होकर चौथे वर्ष तक 35 रुपये तक पहुंचता है। इसलिए अव्यवस्था कहना ठीक नहीं है।
चर्चा के दौरान निषाद ने गौवंश को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की भावना भी सदन में रखी। हालांकि, उन्होंने सरकार के उस जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई जिसमें कहा गया था कि आवारा पशुओं से कोई बड़ी दुर्घटना या फसल का नुकसान नहीं हो रहा है। विधायक ने इसे हकीकत से परे बताते हुए कहा कि सडक़ों पर रोज हादसे हो रहे हैं और किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। विधायक निषाद ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के पास आवारा और घुमंतू पशु संरक्षण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। अब तक सिर्फ 3 गौधाम संचालित हो पाए है। ऐसे में ऐसा लग रहा यही कि आपके विजन 2047 तक इस योजना के पूर्ण क्रियान्वयन की संभावनाएं कम है।


