रायपुर
गडकरी ने राज्यों के मंत्रियों की ली वर्चुअल बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 फरवरी। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आज सभी राज्यों के परिवहन और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ पीएम राहत योजना की बैठक ली। इस बैठक में परिवहन मंत्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअल रूप से शामिल हुए और अपने सुझावों को रखा। बैठक में बताया गया कि सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत अब दुर्घटना पीडि़तों को गोल्डन ऑवर में त्वरित और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर यदि पीडि़त को अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो मृत्यु की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है।
इस योजना के तहत भारत में कहीं भी मोटर वाहन से संबंधित सडक़ दुर्घटना होने पर पीडि़त को तत्काल निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यह उपचार आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में उपलब्ध होगा। पीडि़त या उसके परिजनों से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा।
पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल द्वारा पीडि़त की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर उसे टीएमएस 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है।
बैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक ट्रॉमा/पॉलीट्रॉमा पैकेज के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
अस्पताल द्वारा 24 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाती है तथा दुर्घटना का विवरण इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (श्वष्ठ्रक्र) प्रणाली में दर्ज किया जाता है।
अस्पताल द्वारा दावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल पर प्रस्तुत किया जाता है। स्वीकृत राशि का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (रूङ्क्रस्न) से किया जाता है।
परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रति पीडि़त, प्रति दुर्घटना अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक की सहायता, मोटर वाहन से जुड़ी सभी सडक़ दुर्घटनाओं पर लागू होगी तथा पूर्णत: कैशलेस सुविधा और प्रदेश में योजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु सभी 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए रिजर्व बैंक में खाते खोले जा चुके हैं तथा टीएमएस और पीएफएमएस के माध्यम से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। यह योजना सडक़ दुर्घटना पीडि़तों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान परिवहन सचिव एस. प्रकाश भी उपस्थित रहे।


