रायपुर

सनातन समाज को जागरूक रहने का आह्वान
03-Feb-2026 7:55 PM
सनातन समाज को जागरूक रहने का आह्वान

 किसी धर्म के विरोधी नहीं हैं, बल्कि मतांतरण की नीति के विरोधी- डॉ. प्रेमा साई महाराज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अभनपुर, 3 फरवरी।
मां मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. श्री प्रेमा साई महाराज ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज से जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज में विभिन्न प्रकार की प्रवृत्तियां सक्रिय हैं और इन्हें समझने की आवश्यकता है।
महाराज ने कहा कि ‘अंतरधर्मीय विवाह’ जैसी घटनाओं को लेकर समाज को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कई बार युवतियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे सामाजिक दृष्टि से चिंता का विषय बताया।

अपने वक्तव्य में डॉ. प्रेमा साई महाराज ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी धर्म या समुदाय से नहीं है। उन्होंने कहा, हम मुसलमान का विरोध नहीं करते, हम जिहादियों का विरोध करते हैं। उनके अनुसार ऐसी मानसिकता समाज में विभाजन पैदा करती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
गौ माता के संदर्भ में बोलते हुए महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा में गौ माता का विशेष स्थान है।

महाराज ने मंदिरों से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन समाज मंदिरों का निर्माण करता है, जबकि कुछ तत्व इन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विचार रखने वालों से सनातन समाज का संबंध नहीं हो सकता।

ईसाई समुदाय के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे किसी धर्म के विरोधी नहीं हैं, बल्कि धर्मांतरण की नीति के विरोधी हैं। उनके अनुसार, यदि धर्मांतरण की प्रक्रिया बंद हो जाए तो हिंदू समाज सभी के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखने के लिए तैयार है। उन्होंने जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराए जाने को अनुचित बताया।
महाराज ने यह भी कहा कि सनातन समाज के सामने जनसंख्या असंतुलन और धर्मांतरण जैसी चुनौतियां मौजूद हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. प्रेमा साई महाराज ने हिंदू समाज से संगठित रहने और अपनी संस्कृति तथा परंपराओं के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी के प्रति विरोध की नहीं, बल्कि अपनी आस्था और परंपराओं की रक्षा की बात है।


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