रायपुर
भुईयां एप से हुआ खुलासा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 जनवरी। बैंक में गिरवी जमीन के कूटरचित दस्तावेज तैयार करने उक्त जमीन को दूसरे को बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में पीडि़ता ने जमीन कारोबारी रघुनाथ सिंह बुंदेला पर कुटरचित तरीके से जालसाजी कर बैंक में पहले से गिरवी रखी गई जमीन को पाक-साफ और बंधक मुक्त बताकर बेचने और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक श्रीमती समीक्षा राजपूत, निवासी आदर्श नगर, जलगृह मार्ग, मठपारा ने मुजगहन थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि आरोपी रघुनाथ सिंह बुन्देला पिता अर्जुन सिंह बुन्देला, निवासी वालफोर्ट पैराडाइज, कांदुल, रायपुर ने अपनी जमीन को बैंक में गिरवी होने की जानकारी होते हुए भी जानबूझकर उसे बंधक मुक्त बताकर बेच दिया।
आरोपी की जमीन जैनम बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड की आवासीय योजना, ग्राम कांदुल में स्थित है। उक्त जमीन का भूखंड 63 (पुराना 255/1-2-3), खसरा नंबर 15003/47, रकबा 1500 वर्गफुट बताया गया। आरोपी ने इस जमीन को 18 लाख रुपए में बेचने का सौदा किया था। सौदे के समय आरोपी ने समीक्षा और उनके पति को झांसे में लेने के लिए कथित राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी पी-2 एवं पांचसाला खसरा उपलब्ध कराया था। जिसमें जमीन के बैंक में बंधक होने का कोई उल्लेख नहीं था। आरोपी ने जमीन को पूरी तरह पाक-साफ बताकर बैंकिंग माध्यम से 18 लाख रुपए प्राप्त किए और विधिवत बैनामा भी निष्पादित कराया गया।
बैनामा एवं नामांतरण के बाद भी राजस्व रिकॉर्ड में बैंक बंधक का उल्लेख नहीं था। लेकिन कुछ समय पश्चात जब समीक्षा ने भुईयां पोर्टल पर पांचसाला खसरा की जांच की तो पता चला कि उक्त जमीन पर बैंक ऑफ बड़ौदा का बंधक दर्ज है। इसके बाद बैंक से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि आरोपी रघुनाथ सिंह बुन्देला ने जमीन बेचने से पहले ही बैंक ऑफ बड़ौदा से उस पर लोन ले रखा था।
इस प्रकार तथ्य को जानबूझकर छिपाते हुए फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन बेची गई। शिकायत में आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं कूटरचना कर रकम हड़पने का आरोप है।
मुजगहन पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस राजस्व दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और फर्जी पी-2 की जांच कर रही है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।


