रायपुर
रायपुर, 20 दिसम्बर। प्रमुख सचिव अजाक सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक हुई। आज एक ही दिन में कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई एवं समीक्षा की गई। इसके साथ ही पहली बार पक्षकार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया।
बैठक में 12 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 10 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। एक प्रकरण में पक्षकार अंबिकापुर, सरगुजा से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से शामिल हुआ एवं अपना पक्ष रखा, वहीं एक प्रकरण में पक्षकार अनुपस्थित रहा। इसके अतिरिक्त समिति के समक्ष 10 प्रकरण विचारार्थ प्रस्तुत किए गए। इस प्रकार एक ही दिन में समिति ने कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई एवं समीक्षा करते हुए 05 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए, जबकि 17 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य) उपस्थित थे, वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालक, भू-अभिलेख विनीत नंदनवार (सदस्य) भी जु?े हुए थे। इसके अलावा संयुक्त संचालक, टीआरटीआई श्रीमती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), श्रीमती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के जितेन्द्र गुप्ता, श्रीमती अंजनी भगत, ईश्वर साहू एवं श्रीमती सुमन बंजारे उपस्थित थे।


