रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 दिसंबर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वंदे मातरम् की 150वीं जयंती पर चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि कहा, वंदे मातरम केवल गीत नहीं, स्वतंत्रता आंदोलन की ऊर्जा है। वंदे मातरम के जब 50 वर्ष पूरे हुए तब भारत अंग्रेजों के गुलामी में था। वंदे मातरम के 100 साल पूरे हुए तो देश पर आपातकाल थोपा गया। अब 150 वर्ष वंदे मातरम को पूर्ण हो रहे हैं तो केंद्र में मोदी जी सरकार है, वंदे मातरम पर चर्चा इसलिए जरूरी है, क्योंकि आज हम नए युग की तरफ बढ़ रहे हैं।
आने वाली पीढ़ी को गलत रास्ता बता देंगे तो यह उचित नहीं : महंत
वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसमें बीच में नेहरू जी को क्यों लाया जा रहा है। कहा जाता है कि नेहरू जी ने इस गीत को तोड़ा और वह विभाजन का कारण बना। नेहरू जी ने इस जीत के साथ पूरी ईमानदारी से इस देश को एक नया बल शक्ति मिले इसलिए इस जीत के दो पंक्तियों को स्वीकार किया। चर्चा में मैं यह कहना चाहूंगा कि हम इतिहास को ना बिगाड़ें। आने वाली पीढ़ी को अगर हम गलत रास्ता बता देंगे तो यह उचित नहीं होगा।


