रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 दिसंबर। फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने बच्चों के साथ लैंगिक अपराध की घटना को अंजाम देने वाले कॉलोनी गार्ड को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं चतुर्थ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) गिरीश कुमार मंडावी की अदालत ने विशेष आपराधिक प्रकरण 194/2024 (अपराध क्रमांक 433/2024, थाना न्यू राजेन्द्र नगर) में यह निर्णय 11 दिसंबर 2025 को सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, 19 नवंबर 2024 की रात करीब 8.30 बजे, न्यू राजेन्द्र नगर स्थित एक कॉलोनी में 8 वर्षीय बालिका एवं 7 वर्षीय बालक अन्य बच्चों के साथ गार्डन में खेल रहे थे। इसी दौरान कॉलोनी का गार्ड रोहित सिंह गहरवार उर्फ रंजीत बच्चों को बहला-फुसलाकर गार्ड रूम में ले गया, जहां बच्चों के साथ वह अश्लील कृत्य गया।
दोनों बच्चे वहां से रोते-रोते आकर गार्ड की उक्त हरकत के बारे में बताए। शिकायत पर पुलिस ने न्आरोपी के खिलाफ 433 अंतर्गत धारा 74 भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 8 लैंगिक अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने बच्चे सहित अभियुक्त से पूछतछ की गई। बच्चों का न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष कथन लेखबद्ध कराया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां पर अदालत ने उसे गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराते हुए चार साल कठोर कारावास और 10000 के अर्थ दंण्ड की सजा सुनाई है।
नाबालिग से छेड़छाड़ युवक गया जेल
फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो), रायपुर ने नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ एवं लैंगिक उत्पीडऩ के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए कुल दो वर्ष एवं एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय आज 11 दिसंबर 2025 को घोषित किया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री विनय कुमार प्रधान की अदालत ने विशेष आपराधिक प्रकरण क्रमांक 132/2023 में यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, घटना 13 जून 2023 की शाम लगभग 3:50 बजे थाना गुढियारी क्षेत्र में घटित हुई। पीडि़ता, जिसकी उम्र लगभग 16 वर्ष 6 माह है, किराये के मकान में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी भुजबल धुर्वे ने कमरे का दरवाजा बंद कर पीडि़ता के साथ लज्जा भंग करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकी दी।
गुढिय़ारी पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ धारा 354, 354 क (1) कर गिरफ्तार किया गया। न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष के दलिलों को सुनते हुए गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया। उसे दो वर्ष जेल और एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।


