रायपुर
नोटिस वापस करवाने सूरजपुर से लोक अदालत पहुंची
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 दिसंबर। राजधानी जिला न्यायालय में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में ठगी की शिकार आदिवासी क्षेत्र की एक हजार से अधिक महिलाएं भी अपना के स खत्म कराने पहुंची थीं। ये महिलाएं सूरजपुर, भैयाथान इलाके की है। इन्हें घर बैठे रोजगार देने के नाम पर ठगा गया था। और अब बैंक नोटिस जारी कर रकम पटाने कह रहा है।
सूरजपुर के सिरसी, सुंदरपुर से एक हजार से अधिक महिलाएं पहुंची। इनमें से गीता रजवाड़े, लक्ष्मी देवांगन, उर्मिला देवांगन ने बताया कि किसी सुनील साहू और उनके साथियों ने रोजगार दिलाने के नाम पर एक फार्म भरवाया। इसके लिए हम सबके आधार कार्ड, बैंक पास बुक लिए। हमसे फार्म भरवाया। हम लोगों को पता भी नहीं चला कि हमारे नाम से लोन लिया गया है। यह लोन उन लोगों ने लिया। बैंक से नोटिस मिला तो पता चला कि हमारे साथ धोखाधड़ी की। गीता और उर्मिला के साथ 391 महिलाएं आईं।
सिरसी की लक्ष्मी देवांगन ने बताया कि उसके साथ 1 हजार महिलाएं आईं हैं। उनके साथ भी ऐसी ही ठगी की गई। कुछ लोग गांव आए और दोना पत्तल की फैक्ट्री लगाने की जानकारी देते हुए फार्म भरवाया। हमारे आधार कार्ड बैंक पास बुक लेकर फार्म भरवाया।कहा कि फैक्ट्री लगने पर घर बैठे काम मिलेगा पैकिंग का। उसके बाद हमें बैंक से नोटिस मिला। इसमें 92 हजार रुपए लोन लेने और पटाने की बात लिखी थी। हमें पता ही नही चला। हमने लोन लिया ही नहीं तो क्यों पटाएंगे। नोटिस रद्द कराने आए हैं यहां। हम एक हजार से अधिक लोग हैं। इन्हें यह नोटिस स्पंदना स्पूर्ति फाइनेंसिया लिमिटेड शाखा बैकुंठपुर की लिटिगेशन याचिका के हवाले से दी गई थी।


