रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 दिसंबर। होम्योपैथिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन रायपुर का दो दिवसीय नेशनल होम्योपैथिक सेमिनार आज से शुरू हुआ। सेमिनार में होम्योपैथी के माध्यम से कैंसर उपचार की संभावनाओं सहित विभिन्न विषयों पर दो दिनों तक गहन चर्चा होगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार को इस सेमिनार का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में डायरेक्टर आयुष सुश्री संतन देवी जांगड़े, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रे, एम.ए.आर.बी.एच. के प्रेसिडेंट डॉ. आनंद चतुर्वेदी, रजिस्ट्रार आयुष डॉ. संजय शुक्ला, डॉ. विजय शंकर मिश्र, डॉ. जे. पी. शर्मा सहित प्रदेश और देश के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ शामिल हुए।सेमिनार को संबोधित करते हुए जायसवाल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में होम्योपैथी का भविष्य में बड़ा योगदान होने वाला है। इसलिए होम्योपैथी के युवा चिकित्सकों को अपने वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सकों से सीख लेकर इस विद्या को आगे बढ़ाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। पहले लोग इलाज के लिए राज्य से बाहर जाते थे, लेकिन अब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। आसपास के राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। यहां मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं ।
उन्होंने बताया कि रायपुर में योग एवं नेचुरोपैथी कॉलेज खोला जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार आपके सुझावों को सुनेगी और उन्हें लागू करने का हरसंभव प्रयास करेगी।


