रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 दिसम्बर। इंडिगो का हवाई संकट 6वें दिन भी जारी है। देश-विदेश की साढ़े तीन सौ अधिक उड़ानों के साथ इंडिगो ने रायपुर सेक्टर के भी विमान सेवाएं स्थगित कर दी है। सोमवार सुबह 11 बजे से शाम तक की 8 उड़ानें रद्द कर दी गईं। रायपुर से दिल्ली, मुंबई की 2, हैदराबाद, बैंगलुरू, भोपाल, कोलकाता की फ्लाइट शामिल है।
इसी तरह रायपुर आने वाली इंडिगो की 4 फ्लाइट्स भी रद्द हुई हैं, जिनमें थीं। एयरपोर्ट के लाउंज में यात्रियों को न इंडिगो एयर लाइंस से और न ही एयरपोर्ट ऑथोरिटी की ओर कोई जवाब दिया जा रहा है।
बता दें कि इंडिगो फ्लाइट के कैंसिलेशन का सिलसिला लगातार जारी है। यात्रियों का कहना है कि— बार-बार रिफंड का दावा करने के बाद भी अभी सैकड़ों यात्रियों का पैसा वापस नहीं किया गया है। बार-बार पूछ पर यही जवाब मिलता है—3 से 4 दिन में रकम ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी।
ऐविएशन बिजनेस में जबरदस्त गिरावट
इस संकट की वजह से इस कारोबारी वर्ष के इस 49 वें सप्ताह में रायपुर सेक्टर के हवाई कारोबार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि अभी अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक 1-7 दिसंबर तक के बिजनेस वीक में जहां सौ उड़ानें संचालित नहीं होने से 8-10 हजार यात्रियों की आवाजाही नहीं हो पाई है।
इंडिगो संकट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये कहा कि एक कंपनी की हठधर्मिता के कारण आज पूरे देश में संकट पैदा हो गया है। यह मोदी सरकार के एक ही कंपनी को एकाधिकार देने का परिणाम है । मोदी सरकार में सरकारी विमान कंपनी इंडियन एयरलाइंस को बेच दिया। आज 97 प्रतिशत भारतीय उ?ानो पर केवल दो कंपनियों का ?ब्?ा है। उसमे भी लगभग 70 प्रतिशत अकेले इंडिगो का है। सरकार ने नियम बदला और इंडिगो ने देश की विमानन व्यवस्था को ठप्प कर दिया सरकार बेचारी बनी हुई है। आज इंदिरा गांधी होती तो इंडिगो को उसकी इस धृष्टता की सजा मिल चुकी होती इंडिगो का भारत सरकार अधिग्रहण कर चुका होता। विमान संकट एक चेतावनी है देश में कभी भी इंटरनेट संकट ख?ा हो सकता है सरकार की नीतियों के कारण आज देश का 90 प्रतिशत इंटर नेट केवल दो कंपनियों जियो और एयर टेल के पास है ।


