रायपुर
अब तक की तलाशी में 300 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी के संकेत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 दिसंबर। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग की छापा शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। जांच में ऐसे नए दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और आंतरिक लेजर सामने आए हैं जिनसे संकेत मिल रहे हैं कि लोहे स्टील कारोबार से जुड़ा टैक्स गड़बड़ी का पैटर्न 300 करोड़ रुपये से कहीं अधिक तक पहुंच सकता है। विभाग ने जिन 20 से अधिक कंपनियों की गहन तलाशी की है, उनमें हिंदुस्तान कॉइल ग्रुप, ओम स्पंज, देवी स्पंज समेत कई सिस्टर कंसर्न और सहयोगी इकाइयाँ शामिल हैं। शुरुआती निष्कर्ष बताते हैं कि फर्जी खर्च, मनमानी बिलिंग, गोलमाल एंट्री और क्रॉस-एडजस्टमेंट के जरिये आय छिपाने का एक व्यवस्थित मॉडल वर्षों से चल रहा था।
गुरुवार तडक़े शुरू हुई संयुक्त कार्रवाई अब रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ सहित लगभग 45 ठिकानों पर फैल चुकी है। करीब 200 अधिकारी अलग-अलग लोकेशनों पर फैक्ट्रियों, ऑफिसों, आवासों और निवेश-लिंक्ड प्रॉपर्टीज की तलाशी ले रहे हैं। एक संस्थान में रेड खत्म करते हुए एक नए समूह को घेरा है।
विश्वसनीय सूत्रों ने बता या कि शनिवार को रायगढ़ के राधामणि स्टील के अंकुश अग्रवाल और कारोबारी महेश गोयल के नाम प्रमुख हैं। इनके साथ जुड़े रिश्तेदारों, सहयोगियों व पार्टनर्स के यहां भी दबिश दी गई है।
सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में कई यूनिटों की वित्तीय फाइलें, एमएस पाइप यूनिट्स के रजिस्टर, खरीद रिकॉर्ड, रियल एस्टेट निवेश के दस्तावेज और जमीन सौदों से जुड़े कागजात मिले हैं। शुरुआती जांच में आशंका है कि कथित ब्लैक मनी को प्लॉट, कमर्शियल प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाया गया हो सकता है, जो घोषित आय के अनुपात से कहीं अधिक है।
शनिवार को कुछ और लॉकर भी ट्रेस हुए, हालांकि भारी कैश या सोना बरामद नहीं हुआ है। इससे पहले कल तक 5 करोड़ रुपए, 5 किलो सोना और 17 बैंक लाकर मिल चुके थे। अधिकारियों के अनुसार विभिन्न ठिकानों से मिली फाइलों, डिजिटल लॉग, इंटरनल रिकन्सिलिएशन शीट्स और फर्जी इंटर-कंपनी एंट्रीज ने जांच को कई नए दिशाओं में बढ़ा दिया है।
अधिकारी बताते हैं कि तलाशी अभियान रविवार देर रात तक जारी रहेगा, क्योंकि लगातार नए साक्ष्य सामने आ रहे हैं।


