रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 1 दिसंबर। संचालक चिकित्सा शिक्षा ने बीएससी नर्सिंग की प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तथा परसेंटाइल की बाध्यता खत्म करने की मांग की है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) के सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि
बी.एस.सी. नर्सिंग में प्रवेश हेतु काउंसिल द्वारा निर्धारित अर्हता सामान्य वर्ग के लिए हायर सेकंडरी में पीसीबी में 45 प्रतिशत एवं अजा जजा और ओबीसी हेतु पीसीबी में 40 प्रतिशत निर्धारित है। इसके उपरांत पीएनटी प्रवेश परीक्षा में परसेंटाइल का कट आफ सामान्य वर्ग के लिये 50 एवं अजा जजा और ओबीसी वर्ग के लिये 40 है। इस बाध्यता के कारण प्रतिवर्ष अधिकांश बच्चे प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।
छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के छात्रों का यह परसेंटाइल अर्जित करना अत्यंत कठिन है। विगत वर्षों से नर्सिंग पाठ्यक्रमों सीट रिक्त होने के पश्चात इंडियन नर्सिंग काउंसिल तथा राज्य शासन परसेंटाइल को कम कर, प्रदेश के विद्यार्थियों को राहत दे रहे हैं। बी.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम में वर्तमान सत्र 2025 में कुल 7811 सीटें उपलब्ध हैं, जिसमें काउंसिलिंग प्रक्रिया के प्रथम चरण समाप्त होने पश्चात, पुन: नवीन आवेदन प्राप्त किये जाने के बाद भी कुल सीटों के विरूद्ध 4147 सीटें रिक्त हैं। इन रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा प्राप्तांक परसेंटाईल की बाध्यता से छूट प्रदान किये जाने पर न्यूनतम अर्हता प्राप्त अभ्यर्थी प्रवेश ले सकेगें।
अत: छात्रहित में प्रवेश वर्ष 2025 के लिये बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षा प्राप्तांक परसेंटाईल की बाध्यता से छूट प्रदान करते हुए प्रवेश की अंतिम तिथि में 31 दिसम्बर, 2025 तक वृद्धि किया जाए।


