रायपुर

मकान-जमीन के निवेश में आएगी मंदी, गाइडलाइन दरें वापस लें सरकार-कांग्रेस
29-Nov-2025 7:55 PM
मकान-जमीन के निवेश में आएगी मंदी, गाइडलाइन दरें वापस लें सरकार-कांग्रेस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 29 नवम्बर। कांग्रेस ने शनिवार को सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार द्वारा जमीन की गाईडलाईन दरों में की गई वृद्धि के विरोध कर वापस लेने की मांग की। बिलासपुर में कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मचे बवाल के बीच यह आयोजन दोपहर तक नहीं हुआ। वहीं राजधानी में पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और दोनों नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, राजेन्द्र बंजारे ने पत्रकारों से चर्चा की। मुख्य वक्ता दुबे ने कहा कि पुरानी दरों में 10 से 100 प्रतिशत बढोतरी अनुचित, अदूरदर्शी निर्णय इस निर्णय से बेरोजगारी बढ़ेगी, आर्थिक मंदी आयेगी भाजपा की सरकार आने के बाद भूमि की सरकारी दर 40 से 500 प्रतिशत बढ गयी है।

दुबे ने कहा कि गाईडलाइन की दर बढऩे से आम आदमी को परेशानी होगी लोगों का मकान, दुकान, फैक्टी जमीनों के गाईड लाइन दर बढाने का कांग्रेस विरोध करती है, यह सरकार का अदूरदर्शी फैसला बनाने का खर्च बढ़ जायेगा। भूमि की खरीदी-बिक्री बंद हो जायेगी या कम हो जायेगी।

दुबे ने कहा कि पूरे देश में ऐसा कहीं नहीं हुआ कि एक साल में जमीन की गाईडलाईन 130 से 500 प्रतिशत तक बढ़ा दी गयी हो।मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली, पुणे जैसे एवं अन्य बड़े शहरों में भी जमीन की गाईडलाईन की दर एक बार में 10 से 15 प्रतिशत ही बढ़ाई जाने की परंपरा रही है।सरकार पहले भूमि के गाईडलाईन दरों में कांग्रेस सरकार के समय दिये जाने वाले 30 प्रतिशत छूट को समाप्त कर दिया। अब अचानक से जमीनों की सरकारी कीमत 10 से 100 प्रतिशत बढ़ा दिया, मतलब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद भूमि की सरकारी कीमत 40 से 130 प्रतिशत बढ़ गयी।

पिछले हफ्ते ही सरकार ने निवेश क्षेत्र में कृषि भूमि की रेट की गणना में परिवर्तन किया, यदि एक किसान को एक एकड़ जमीन बेचना है तो शुरूआत के 15 हजार वर्गफीट तक वर्गफीट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी देना होगा तथा उसके बाद की जमीन पर हेक्टेयर के दर से स्टांप ड्यूटी देनी होगी। इससे राजधानी के आसपास कृषि जमीने खरीदना महंगा होगा, किसानों की जमीनें बिकना बंद हो जायेगी। प्रदेश के कई शहरों के आसपास कुछ जगह ऐसी भी स्थिति बन गयी है कि 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी लगेगी।

 अगर कोई 1000 फीट जमीन की खरीदी 6 लाख रु. में करता है तो उसे 4 लाख 40 हजार रु रजिस्टी शुल्क चुकाना होगा, कुछ क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत एक बराबर होगी, कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क देना पडेगा। ऐसे गरीब आदमी मकान कैसे बनायेगा।


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