रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 नवम्बर। केंद्र सरकार द्वारा भारी विरोध के बावजूद चार श्रम संहिताओं को एक तरफा रूप से थोप दिए जानी के खिलाफ कर्मचारियों,मजदूरों और किसानों ने राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया द्य
छत्तीसगढ़ में भी सभी प्रमुख केंद्रों पर जुझारू प्रदर्शन किए गए और अधिसूचना जलाकर प्रदर्शन कियाद्य प्रदर्शन का आह्वान ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने किया था।
रायपुर में कर्मचारियों व श्रमिकों ने काले बिल्ले और काला फीता लगा। इस मजदूरों के गुलामी के दस्तावेज को खारिज करने अपने कार्य स्थलों के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया द्य शाम को अंबेडकर चौक में श्रम संहिताओं को अधिसूचित करने वाले राजपत्र की प्रतियां जलाई तथा इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा द्य इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने कहा कि देशी विदेशी कार्पोरेट घरानों की मांग पर देश के श्रमिकों को गुलामी की जिंदगी में धकेला जा रहा है द्य चारों श्रम संहिताओं को अधिसूचित किए जाने से पुराने सभी श्रम कानून समाप्त हो गए है और अब श्रमिको को मालिकों की दया पर छोड़ दिया गया है।
इस अवसर पर सीटू, बैंक, बीमा, डाक, दवा प्रतिनिधि, संगठित असंगठित, बी एस एन एल, राज्य, केंद्र कर्मचारी संगठनों के नवीन गुप्ता, मारुति डोंगरे, राजेश पराते, सुरेन्द्र शर्मा, गजेंद्र पटेल, एस नशकर, हरिराम पाल, दिनेश पटेल, आशुतोष सिंह, साजिद रजा, के के साहू, गजेंद्र पटेल, सुभाष साहू, ललित वर्मा, ऋषि मिश्रा, डी सी मजूमदार, सूरज दीप, अजय कुमार, डी सी पटेल, धार्मिणी सोनवानी, गौरव शर्मा, आरिफ दहिया आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।


