रायपुर
कोर्ट मामले को निरस्त कर चुका है...
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 नवंबर। सरस्वती नगर पुलिस की मौजूदगी में पैतृक निवास में कब्जे को मामला सामने आया है। इस मकान पर चाचा भतीजे के बीच 8-9 वर्ष से विवाद चल रहा है। कालेज रोड स्थित मकान नंबर 9 निवासी मयंक मिश्रा ने यह शिकायत की थी। मयंक के अनुसार उनके या परिजनों की गैरमौजूदगी में 20 नवंबर को पुलिसवालों ने ज़बरदस्ती उनके घर के एक हिस्से में ताला लगा दिया है। पुलिस ने मयंक के माता पिता को भी किसी प्रकार की कोई सूचना या आदेश नहीं दिखाया गया ।
बिना किसी स्टे आर्डर या अन्य आदेश के इस प्रकार से घर घुसकर ताला लगाया गया। मयंक ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फूटेज के हवाले से बताया कि उसमें साफ़ नजऱ आ रहा है कि कुछ पुलिस कर्मी में घर के एक हिस्से को बंद कर रहे हैं और मरम्मत का काम रुकवा रहे हैं। मयंक ने कहा क इस ताले को तत्काल खुलवाया जाए या कोर्ट का का कोई आदेश दिखाया जाए। बताया गया है कि। यह विवादित मामला 2017 से कोर्ट में विचाराधीन है।
और कोर्ट ने कोई स्टे नहीं दिया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने मार्च 24 में केस को निरस्त कर दिया था। यह केस मयंक के चाचा ने घर की मरम्मत के नाम पर लगाया था। जबकि इस घर में मयंक और उनके पिता 60 वर्ष से रह रहे हैं। उमा शंकर मिश्रा को कोर्ट में आज के तारीख तक कोई भी हिस्सा या क़ब्ज़ा प्रदान नहीं किया है।मयंक ने सरस्वती नगर पुलिस से बंद ताले को खुलवाने और काम प्रारंभ करने की अनुमति देने की मांग की है। क्योंकि बिना कोर्ट के आदेश के काम किए रुकवाना या ताला लगाना अवमानना है। मयंक ने इसकी सूचना वार्ड पार्षद को भी दी है। मयंक का कहना है कि पुलिस शिकायत भी नहीं ले रही है। इस संबंध में थानेदार ने कहा कि मामले की दोनों पक्षों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। दूसरे पक्ष की शिकायत है कि मयंक आदि ने ताला तोडक़र कब्जा किया है।


