रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 जनवरी। पंडरी का अस्पताल, कहने को जिला अस्पताल है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने व्यवस्था का मजाक बना रखा है । यहां इलाज की बानगी यह है कि यहां नेशनल हेल्थ प्रोग्राम के कोई आपरेशन नहीं हो रहे।
किसी को अगर आंख का आपरेशन (मोतियाबिंद) करवाना हो तो उसे माना जाना पड़ेगा। अगर डिलिवरी करवाना हो तो कालीबाड़ी जाना पड़ेगा तथा टीटी ( महिला नसबंदी )का जो आपरेशन जिला अस्पताल में पिछले हफ़्ते तक होता था, वह भी जिला अस्पताल में बंद कर दिया गया है। डॉ भंडारी ( सिविल सर्जन)बंद करवा दिया गया हैं। जो कि नेशनल प्रोग्राम का हिस्सा था। मोतियाबिंद ऑपरेशन की व्यवस्था को कोरोना काल में वहां शिफ्ट कर दिया गया था तब से वहीं किया जा रहा है। इसी तरह टीटी का आपरेशन भी 5 किमी दूर आयुर्वेदिक कालेज में कराए जा रहे हैं।
बताया गया है कि संचालक के आदेश हैं कि जो चिकित्सक या स्टाफ मूल रूप से जहां पदस्थ हैं वहीं रहेंगे ,उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित नहीं कर सकते । लेकिन रायपुर समेत तमाम सिविल सर्जनों व जिला स्वास्थ्य अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं । यह भी बताया गया है कि 4 आला अफसरों की डाक्टर पत्नियों की यहां पोस्टिंग हैं जो हफ्तों नहीं आतीं हैं। इससे भी इलाज प्रभावित हो रहा है। वहीं कुछ अन्य को दूसरी जगह अटैच किया गया है। इस तरह से संचालक अपने ही आदेशों को लागू नहीं करवा पा रहे ऐसी अव्यवस्थाओं के बीच इस अस्पताल को राष्ट्रीय सेवा प्रमाण पत्र मिलना आश्चर्यजनक है।


