रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 नवंबर। जैन मुनि श्री धर्म सागर श्रीभाव सागर और उनके संघ का का मंगलवार को टाटीबंध के रास्ते रायपुर में मंगल प्रवेश हुआ। वे आचार्य श्री विद्यासागर से दीक्षित एवं आचार्य समय सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य हैं ।
मुनि संघ का पद बिहार अहिंसा रक्षा पदयात्रा के माध्यम से चल रहा है आगे सांकरा, तिल्दा नेवरा, भाटापारा बलौदा बाजार, अकलतरा जशपुर होते हुए श्री सम्मेद शिखर पहुंचेंगे।
लगभग 700 किलोमीटर की यात्रा है? रायपुर के सभी जैन मंदिर की कमेटी ने मुनि संघ को श्रीफल अर्पण किया? मुनि संघ की आहार चर्या भी यहां हुई। इस अवसर पर मुनि भावसागर ने कहा कि दुर्भावना का शरीर पर विशेष प्रभाव पड़ता है। अपने स्वरूप में मानव मन जितना पावन होता है उतना ही इस मन में दुर्भावनाओं का गहरा प्रभाव भी प्राय: हो जाता है। जिनसे मन विकृत होता है इस मन विकृति का दुष्प्रभाव शरीर की नियमित और स्वस्थ प्रक्रिया पर अवश्य ही पड़ता है। वर्तमान युग वैज्ञानिक होने के कारण अब उन तथ्यों की गहराई तक पहुँचना संभव हो सका है जिससे मन की दुर्भावनाओं का शरीर की प्रक्रिया पर पड़ा हुआ दुष्प्रभाव और उनके कारणों को स्पष्ट किया जा सकता है। अनेक वैज्ञानिक शोधों के उपरांत यह प्रमाणित हुआ है। कि घृणा, ईर्ष्या, बेइमानी, चिंता, कंजूसी, अकड़, प्रमाद और अहम का मानव हार्मोस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिससे अनेक प्रकार की बीमारियाँ भी शरीर पर अपना कब्जा कर लेती है।


