रायपुर

मंत्रालय में बायोमेट्रिक अटेंडेंस, फेडरेशन विरोध में, संघ की चुप्पी
23-Oct-2025 7:10 PM
मंत्रालय में बायोमेट्रिक अटेंडेंस, फेडरेशन विरोध में, संघ की चुप्पी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 23 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय में 1 दिसंबर से बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के आदेश के कुछ घंटे बाद ही विरोध भी होने लगा है। सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ने  विरोध किया है हालांकि अभी मंत्रालय कर्मचारी संघ की ओर से अधिकृत बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन संघ के वाट्सएप ग्रुप में कर्मचारी जमकर नाराजगी जता रहे हैं और अपने नेताओं से आदेश वापस लेने का दबाव बनाने की मांग कर रहे हैं। 

कर्मचारी इसे कारखाना पद्धति बताते हुए इसमें काम करने के लिए बधाई दे रहे हैं। ऐसे में देखना होगा संघ के नए पदाधिकारियों का क्या रूख होगा। इस संबंध में अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय से संपर्क करने पर उन्होंने बयान जारी करने की बात कही थी। लेकिन दोपहर 4 बजे तक उनका कोई बयान नहीं आया। वहीं अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन नया रायपुर के प्रवक्ता जितेंद्र बिस्वाल   ने कहा कि इसका सभी कर्मचारी विरोध करते है। ई आफिस में छत्तीसगढ़ का पहला स्थान होने के बाद मंत्रालय को प्रा ई वे ट लिमिटेड बनाना गलत होगा। कर्मचारी अपने कर्तव्यों का पालन भली भांति कर रहे हैं उस पर ऐसे आदेश से  कर्मचारी का मनोबल  गिरेगा जिसका असर उनके कार्य पर पड़ेगा। इसे वापस  लिया  जाना चाहिए ।      

 मंत्रालय संघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि यह किसी कीमत पर लागू नहीं होना चाहिए क्योंकि 90 प्रतिशत कर्मचारी अभी भी बस से ही रायपुर से आना जाना करते हैं। बसें कंडम हो चुकी हैं जो रायपुर से नॉन स्टॉप आने जाने में भी 1 घंटा सुबह 1 घंटा शाम को लेती हैं। इस प्रकार कर्मचारी पहले ही 2 घंटे अतिरिक्त दे रहे हैं। इनके मेंटेनेंस पर जीएडी  और अधीक्षण शाखा कोई ध्यान नहीं दे रहा है।  जिससे कभी भी सडक़ पर खराब हो जाती हैं।  बायोमेट्रिक प्रणाली से कंडम बसों को समय पर पहुंचने का और दबाव बनेगा जिससे बड़ी घटना संभावित है।

दूसरी बात ये कि जब ई-ऑफिस से काम हो रहा है तो शासन को काम की गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए न कि टाइम पर क्योंकि मंत्रालय में सीधे पब्लिक डीलिंग का कोई काम नहीं है।

तीसरी बात यह भी है कि पहले से नवा रायपुर शिफ्ट होने के सैकड़ों आवेदन संपदा कार्यालय में शासन के पास लंबित पड़ें हैं, जिन्हें सरकार शासकीय आवास नहीं दे पा रही है और न ही ऐसी कोई रियायत कि वे जमीन या मकान नया रायपुर में खरीद सकें। अर्थात सरकार के पास कर्मचारियों को नवा रायपुर में बसाने का कोई प्लान नहीं है ऐसी स्थिति में बायोमैट्रिक सिस्टम जबरिया थोपने से कर्मचारियों के मनोबल पर असर पड़ेगा और काम की गुणवत्ता प्रभावित होगी।

यदि यह लागू किया जाता है तो सरकार को उन कर्मचारियों के लिए भी ओटी का प्रावधान करना चाहिए क्योंकि दोपहर बाद दफ्तर आने वाले आला अधिकारी रात 8-9 बजे तक रोककर काम करवाते हैं। इससे पहले जीएडी ने बुधवार को आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ मंत्रालय में 1 दिसंबर से बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने आधार कार्ड बेस्ड  सिस्टम तैयार किया जा रहा है। यह अटेंडेंस सिस्टम आईएएस से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक लागू होगा । जीएडी ने इससे संबंधित आईकार्ड या अन्य तकनीकी कार्य 7 नवंबर तक पूरा करने कहा गया है।


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