रायपुर
रायपुर, 7 अक्टूबर। शरद पूर्णिमा पर अमलतास केसल, कचना स्थित 1008 श्री मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर में संत शिरोमणि 108 आचार्य भगवन विद्यासागर मुनिराज की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। मंदिर के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने बताया कि आचार्य श्री के अवतरण दीवस पर विशेष पूजा अर्चना और छतिसी विधान किया गया जिसमें सभी धर्म प्रेमी बंधुओ ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
सुरेश मोदी ने बताया कि आचार्य श्री ने जैन धर्म के अलावा स्वालम्बी भारत के निर्माण के लिए हाथकरघा, गौशाला, प्रतिभा स्थली आदि के लिए जनमानस को प्रोत्साहित किया।
आचार्य श्री की प्रेरणा से तिहाड़ जेल,करीब सम्पूर्ण भारत वर्ष के सेंट्रल जेलों व अन्य सरकारी एवं निजी संस्थानों में हाथकरघा से निर्मित वस्त्रों इत्यादि का निर्माण द्रुत गति से चल रहा है। जिससे सभी का जीवकोपार्जन शुद्ध एवं सात्विक विचारधारा से हो रहा है।
वर्तमान में सम्पूर्ण भारत के विभिन्न शहरों में आचार्य श्री के प्रोत्साहन से प्रतिभा स्थली का संचालन निर्वाध गति से हो रहा है जिसमे जैन समाज के अलावा अन्य समाज में भीं शुद्ध एवं सात्विक विचार धारा का पालन किया। ब्रम्हचारणी दीदियों के योगदान से अपना शिक्षण सफल एवं सुदृढ़ कर रही है।


