रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 अक्टूबर। कुली संघ ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर ठेका प्रणाली का विरोध किया है। उन्होंने रेल प्रशासन से निविदा निरस्ती की मांग उठाई है। शनिवार को रेल्वे लायसेंसी पोर्टर्स मजदूर सहकारी संघ के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर जानकारी दी। इस वार्ता में संस्था के महा मंत्री दिप्तेश तरूण चटर्जी, अध्यक्ष थानेश्वर साहू, कुलेश्वरलाल साहू ,विक्रमजीत वर्मा,बोधन साहू, सुरेश यादव आदी मौजूद थे।
संस्था ने बताया कि रायपुर रेल मंडल में जारी नई ठेका नीति से कुलियों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। रेल्वे के आधुनिकीकरण और निजीकरण की प्रक्रिया के चलते वर्षों से यात्रियों की सेवा में लगे कुलियों के सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रायपुर डिवीजन में बैटरी चालित लगेज कार सेवा का ठेका एक निजी कंपनी को दे दिया गया है, जो प्रत्येक यात्री से 50 और प्रत्येक सामान के लिए 30 वसूल रही है। इस ठेका प्रणाली से कुलियों का कार्य पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
संस्था का कहना है कि यह कदम कुलियों की आजीविका का हनन है, क्योंकि रेलवे द्वारा कुलियों को दिए गए सामाजिक सुरक्षा के आदेश— जैसे रेल्वे स्कूलों में बच्चों की मुफ्त शिक्षा, परिवार के लिए चिकित्सा सुविधा, वर्दी वितरण और विश्रामालय की व्यवस्था— अब तक अमल में नहीं लाए गए हैं।
संस्था ने कहा है कि अगर विकास के नाम पर हजारों परिवारों का रोजगार छीना जा रहा है, तो यह विकास नहीं बल्कि अन्याय है। संस्था ने घोषणा की है कि वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सहयोग से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। इसमें ज्ञापन, प्रेस वार्ता, धरना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शामिल होंगे।


